Greater Noida West

Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में फ्लैट खरीदने वालों के लिए अच्छी ख़बर

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट दिल्ली NCR नोएडा
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Greater Noida West में फ्लैट खरीदने वाले यह अच्छी खबर जरूर पढ़िए

Greater Noida West: अगर भी ग्रेटर नोएडा वेस्ट में घर खरीदना चाह रहे हैं या घर खरीद लिए हैं तो यह खबर आपको खुश कर देने वाली है। आपको बता दें कि दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के लोगों की पसंद नोएडा-ग्रेटर नोएडा वेस्ट बनता जा रहा है। एनसीआर के अंदर नोएडा में घर खरीददार के यहां पर मूव करने के पीछे कई बड़े कारण हैं। इस बारे में इन्वेस्टोएक्सपर्ट डॉट कॉम के फाउंडर और एमडी विशाल रहेजा के मुताबिक बीते 5 सालों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) उभरते बाजारों से विकसित होकर अब परिपक्व रियल एस्टेट हब बन गए हैं। इसका श्रेय रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और बढ़ती मांग को ही जाता है। रेजिडेंशियल सेगमेंट (Residential Segment) में, खासकर 2 और 3 बीएचके अपार्टमेंट्स की डिमांड में 40% से ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
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Pic Social Media

इसका कारण है मेट्रो कनेक्टिविटी (Metro Connectivity) का विस्तार, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का तेजी से हो रहा विकास और कॉर्पोरेट हब्स के पास होना। पिछले कुछ सालों में प्रॉपर्टी की कीमतों में औसतन 25-30% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसमें ग्रेटर नोएडा वेस्ट ने एनसीआर क्षेत्र में सबसे तेज़ ग्रोथ रेट रिकार्ड की है। इसका प्रमुख कारण है इसकी किफायती कीमतें और आने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की बेहतर पहुंच है।

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एमडी विशाल रहेजा ने एक मीडिया एजेंसी को बताया कि कॉमर्शियल सेगमेंट (Commercial Segment) में भी जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है। नोएडा में टेक्नोलॉजी कंपनियों और मल्टीनेशनल कॉरपोरेशन्स के बेस सेटअप करने से ऑफिस स्पेस की डिमांड भी खूब बढ़ गई है। इंफोसिस, माइक्रोसॉफ्ट और सैमसंग जैसी कंपनियों की मौजूदगी ने खासतौर पर नोएडा एक्सप्रेसवे और सेक्टर 62 जैसे इलाकों में ऑफिस ऑक्यूपेंसी रेट को बढ़ावा दिया है, जिससे बीते 5 सालों में कॉमर्शियल प्रॉपर्टी मार्केट में लगभग 40% की वृद्धि हुई है। साथ ही, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) और ग्रेटर नोएडा में बनने वाली फिल्म सिटी जैसे प्रोजेक्ट्स से यह इलाका एंटरटेनमेंट और बिजनेस हब के रूप में उभरने की तरफ तेजी से अग्रसर है, जिससे और भी कॉमर्शियल इन्वेस्टमेंट्स की संभावना है।

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मेट्रो विस्तार और कनेक्टिविटी

इसके साथ ही मेट्रो का विस्तार और एक्सप्रेसवे के जरिए से बेहतर कनेक्टिविटी ने इस रियल एस्टेट बूम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन और जेवर एयरपोर्ट तक मेट्रो विस्तार की योजनाएं इन शहरों को और विकसित बना रही हैं। इस समय 100 से ज्यादा नए हाउसिंग और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट्स विभिन्न विकास चरणों में हैं, जो इस क्षेत्र में भविष्य में भारी ग्रोथ की संभावनाएं को बताते हैं। खासतौर पर सरकार की अफोर्डेबल हाउसिंग और मेक इन इंडिया पहल से भी इस क्षेत्र को काफी लाभ मिला है।
आने वाले कुछ सालों में, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 20% सालाना ग्रोथ के साथ नए रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट्स देखने को मिल सकते हैं, जिससे यह उत्तर भारत के प्रमुख रियल एस्टेट पावरहाउस के रूप में अपनी पहचान और मजबूत बनाएगा।

दिल्ली-गुरुग्राम के मुकाबले स्थिर प्रोपर्टी कीमत

इस बारे में गीतांजलि होमस्टेट के फाउंडर सुनील सिसोदिया एक मीडिया एजेंसी से बातचीत में कहते हैं कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा ने सैटेलाइट टाउन से लेकर व्यस्त शहरी केंद्रों तक का एक जबरदस्त सफर तय किया है, जो आज एंड-यूज़र्स और इन्वेस्टर्स दोनों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इनका विकास एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे स्ट्रेटेजिक डेवलपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और बदलते हुए खरीदारों की पसंद शहर के ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं।

महामारी से पहले, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को प्रमुख रूप से अफोर्डेबल हाउसिंग, चौड़ी सड़कों और प्लान्ड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जाता था। यह क्षेत्र मिड-सेगमेंट के खरीदारों के बीच काफी पॉपुलर थे, और दिल्ली और गुरुग्राम की तुलना में यहां प्रॉपर्टी की कीमतें कम थीं। खासतौर पर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, सेंट्रल नोएडा, नोएडा एक्सटेंशन और ग्रेटर नोएडा के कुछ हिस्से प्रतिष्ठित डेवलपर्स की रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के लिए पसंदीदा लोकेशन थे। इसकी डिमांड कनेक्टिविटी, इंडस्ट्रियल हब्स और आईटी पार्क्स के पास होने के कारण थी।
महामारी ने इस क्षेत्र में बड़े बदलाव लाए। लोग अब बड़े स्पेस, बेहतर सुविधाएं और हरियाली वाली जगहों की तलाश करने लगे हैं। वर्क फ्रॉम होम के चलते नोएडा और ग्रेटर नोएडा के उपनगरों में प्रॉपर्टी की डिमांड तेजी से बढ़ी। नोएडा एक्सटेंशन और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। वहीं, सेंट्रल नोएडा और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे प्रीमियम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे कि आने वाले जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी प्रोजेक्ट की वजह से अपर मिडिल क्लास खरीदारों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।