Greater Noida: गौतमबुद्ध नगर जिले के लोगों के लिए राहत की खबर है कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की एक टीम अगले कुछ महीनों में ग्रेटर नोएडा में स्थायी रूप से तैनात की जाएगी। इसके बाद किसी भी आपदा की स्थिति में जवान तेजी से मौके पर पहुंच सकेंगे। अभी तक NDRF की टीम गाजियाबाद में रहती है, जिससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हादसे के समय मदद पहुंचने में देरी हो जाती थी।
सेक्टर ओमिक्रोन-1ए की ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में फ्लैट तैयार
एनडीआरएफ जवानों के रहने के लिए ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमिक्रोन-1ए स्थित ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में फ्लैटों की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। इन फ्लैटों में रंगाई-पुताई, पेयजल आपूर्ति, बिजली जैसी जरूरी सुविधाओं को ठीक किया जा रहा है, ताकि जवानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधिकारियों के अनुसार, काम पूरा होते ही ये फ्लैट NDRF को सौंप दिए जाएंगे।
लोहिया आवास में 20 LIG और 10 MIG फ्लैट मिलेंगे
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने सेक्टर ओमिक्रोन-1ए स्थित बहुमंजिला इमारत ‘लोहिया आवास’ में NDRF के लिए 20 एलआईजी (LIG) और 10 एमआईजी (MIG) फ्लैट किराये पर देने की अनुमति दी है। सभी फ्लैट किराये पर दिए जाएंगे और जवानों को अपने हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के अनुसार किराया देना होगा। इससे जवानों की आवास की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर उनके सामान के लिए अलग से जमीन भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
अभी गाजियाबाद में रहती है NDRF टीम
फिलहाल NDRF की टीम गाजियाबाद में रहती है। हालांकि नोएडा के एनएसईजेड (नोएडा विशेष आर्थिक क्षेत्र) में उन्हें आवास उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन उनकी स्थिति ठीक न होने के कारण ज्यादातर जवान वहां नहीं रहते। इसी वजह से जब भी नोएडा या ग्रेटर नोएडा में कोई आपदा आती है, तो टीम को पहुंचने में काफी समय लग जाता है।
युवराज मेहता हादसे के बाद उठे सवाल
जनवरी 2026 में ग्रेटर नोएडा में एक दर्दनाक हादसा हुआ था, जिसमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की पानी से भरे गड्ढे में गिरकर मौत हो गई थी। इस घटना के बाद जिले में आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। हाईटेक जिला होने के बावजूद समय पर मदद नहीं मिल सकी थी, जिससे प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े हुए।
अब आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की तैयारी
इस घटना से सबक लेते हुए अब प्रशासन हर स्तर पर आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि फ्लैटों की मरम्मत का काम जारी है और सभी जरूरी सुविधाएं दुरुस्त करने के बाद इन्हें NDRF को सौंप दिया जाएगा। यह कदम भविष्य में ऐसी घटनाओं से बेहतर तरीके से निपटने में मदद करेगा।
तेजी से मिलेगी राहत और बढ़ेगी सुरक्षा
NDRF की टीम के ग्रेटर नोएडा में तैनात होने से पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। किसी भी हादसे या आपदा की स्थिति में जवान तुरंत मौके पर पहुंच सकेंगे, जिससे जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकेगा। तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र में यह व्यवस्था बेहद जरूरी मानी जा रही है और इससे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
