Chhattisgarh News: ‘वंदे मातरम्’ को वैधानिक संरक्षण मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताई खुशी

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: Vishnu Deo Sai ने ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय गान के समान वैधानिक संरक्षण देने के लिए केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने इसे भारत की सांस्कृतिक चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत और राष्ट्रभक्ति की भावना को सम्मान देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की आत्मा और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का प्रतीक है।

राष्ट्रभावना को मिला नया सम्मान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी देकर देश की राष्ट्रीय अस्मिता और सांस्कृतिक चेतना को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला हर भारतीय के लिए गर्व और आत्मसम्मान का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की आत्मा, स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा और राष्ट्रभक्ति की सबसे बड़ी पहचान रहा है। आजादी की लड़ाई के दौरान इस गीत ने लाखों लोगों के भीतर देशभक्ति और आत्मबल की नई भावना पैदा की थी।

स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी है ‘वंदे मातरम्’ की भावना

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का देश के स्वतंत्रता संग्राम में विशेष योगदान रहा है। यह गीत केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति समर्पण, सेवा और सम्मान की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज भी यह गीत हर भारतीय के मन में देश के प्रति गर्व और प्रेम की भावना जगाता है।

उन्होंने कहा कि इस फैसले से राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रभक्ति के प्रति लोगों का सम्मान और ज्यादा मजबूत होगा। साथ ही आने वाली पीढ़ियों को भी देश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह का जताया आभार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस ऐतिहासिक फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय गौरव और जनभावनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला सिर्फ कानूनी बदलाव नहीं, बल्कि देश की आत्मा और राष्ट्रीय सम्मान को नई मजबूती देने वाला कदम है। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि वे राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ और अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा और सम्मान को बनाए रखें।

सांस्कृतिक चेतना को मिलेगी मजबूती

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान उसकी सांस्कृतिक विविधता, राष्ट्रीय एकता और गौरवशाली इतिहास से जुड़ी हुई है। ऐसे में ‘वंदे मातरम्’ को वैधानिक संरक्षण देना देश की सांस्कृतिक चेतना को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला देशवासियों के भीतर राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक सशक्त बनाएगा।