Greater Noida West: नोएडा (उत्तर प्रदेश) में होली के दौरान एक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया जब वह खेलते-खेलते बेकाबू रेबार (बाँधने वाली लोहे की छड़) में फंस गया। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
क्या हुआ था घटना के समय
खबर के अनुसार, होली के रंगों के बीच एक 13 वर्षीय बच्चा खेल रहा था। तभी अचानक उसकी पैर की दिशा बदलते समय वह लोहे के रेबार में फंस गया। चोट इतनी गंभीर थी कि स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
बच्चे को पैर के हिस्से में गंभीर घाव आया है, जिसकी वजह से उसे नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम बच्चे का इलाज कर रही है और उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

माता-पिता और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद बच्चे के माता-पिता और आसपास के लोगों में चिंता और डर का माहौल था। उन्होंने कहा कि होली के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखना बहुत जरुरी है। विशेषकर ऐसे खेल या जगहों पर जहाँ खतरनाक चीजें मौजूद हों, बच्चों को वहां खेलने नहीं देना चाहिए।
स्थानीय निवासी भी कहते हैं कि त्योहार का मज़ा लेते समय सावधानी रखना जरूरी है ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना न हो।
डॉक्टरों की सलाह
डॉक्टरों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि छोटे बच्चों को होली खेलते समय खतरनाक जगहों और तेज़ चीज़ों से दूर रखा जाए। तेज़ खरोंच, लोहे और अन्य खतरनाक औज़ारों से बच्चों को अलग रखा जाना चाहिए ताकि कोई गंभीर चोट न लग सके।
डॉक्टरों का कहना है कि त्योहार के दौरान बच्चे अधिक उत्साहित होते हैं, इसलिए उनका ध्यान रखना परिवारों की जिम्मेदारी है।
त्योहार में सुरक्षा का महत्व
होली एक खुशियों का त्योहार है, लेकिन इस तरह की दुर्घटनाएँ यह याद दिलाती हैं कि खेल-कूद और उत्साह के बीच सावधानी भी उतनी ही जरूरी है। बच्चों को तत्कालीन सुरक्षा नियम समझाना और सुरक्षित वातावरण में खेलना चाहिए।
बच्चे की धीरे-धीरे हालत में सुधार की उम्मीद है, और स्थानीय लोग भी यह सीख ले रहे हैं कि त्योहार के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता देना चाहिए ताकि कोई भी परिवार दुःख की घड़ी न देखे।
