Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में पहली बारिश के बाद एक फ्लाईओवर की सड़क क्षतिग्रस्त होने का मामला सामने आया है। फ्लाईओवर पर सड़क की परत उखड़ने और गड्ढे दिखाई देने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बारिश के बाद सड़क की खराब स्थिति की तस्वीरें सामने आने पर स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करके तैयार किए गए फ्लाईओवर की सड़क अगर पहली बारिश भी नहीं झेल पा रही है तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए।
पहली बारिश के बाद उखड़ने लगी सड़क
बारिश के बाद फ्लाईओवर की सड़क के कुछ हिस्सों में डामर की परत उखड़ गई। सड़क पर कई जगह गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से दिखाई देने लगे।
इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। सड़क खराब होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही बारिश के दौरान सड़क पर दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
फ्लाईओवर की सड़क इतनी जल्दी खराब होने के बाद निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री और काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नई सड़क और फ्लाईओवर के निर्माण पर बड़ी रकम खर्च की जाती है। इसके बावजूद अगर कुछ समय में ही सड़क टूटने लगे तो जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हुआ फ्लाईओवर
फ्लाईओवर का निर्माण क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और लोगों को जाम से राहत देने के उद्देश्य से किया गया था।
इसके शुरू होने के बाद हजारों वाहन चालकों को फायदा मिलने की उम्मीद थी। लेकिन बारिश के बाद सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर जैसी बड़ी परियोजनाओं में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और सड़क की मजबूती की नियमित जांच होनी चाहिए।
वाहन चालकों को हो रही परेशानी
सड़क की परत उखड़ने और गड्ढे बनने के कारण वाहन चालकों को फ्लाईओवर से गुजरते समय सावधानी बरतनी पड़ रही है।
दो पहिया वाहन चालकों के लिए क्षतिग्रस्त सड़क अधिक परेशानी का कारण बन सकती है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे हादसे का खतरा बढ़ सकता है।
अधिकारियों से जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने फ्लाईओवर की सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
इसके साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग भी की जा रही है, ताकि वाहन चालकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
ग्रेटर नोएडा में तेजी से नई सड़कें, फ्लाईओवर और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि जनता के पैसे से तैयार होने वाली परियोजनाएं लंबे समय तक सुरक्षित और उपयोगी बनी रहें।
