Delhi News: नई दिल्ली। राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर आयोजित BHARAT अपडेट की एक लाइव डिबेट के दौरान मीडिया को ‘भोंपू’ और ‘गोदी मीडिया’ कहे जाने पर चैनल के मैनेजिंग एडिटर प्रेम शंकर सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की आलोचना करना सभी का अधिकार है, लेकिन बिना किसी सबूत के पूरे मीडिया और पत्रकारों को अपमानित करना सही नहीं है।
राम मंदिर मुद्दे पर हो रही थी बहस
डिबेट का विषय “असली और नकली रामभक्त” था। चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव के उस बयान का भी जिक्र हुआ, जिसमें उन्होंने बाबरी मस्जिद गिराने वालों पर गोली चलाने की बात कही थी। इसी विषय पर बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने सवालों का जवाब देने की बजाय मीडिया को ‘गोदी मीडिया’ और ‘भोंपू’ कहकर निशाना बनाया।
प्रेम शंकर सिंह ने जताई नाराजगी
इस पर प्रेम शंकर सिंह ने कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल को भारतीय जनता पार्टी से सवाल पूछने हैं तो मंच पर बीजेपी का प्रवक्ता मौजूद है। उन्होंने कहा कि मीडिया को राजनीतिक बहस में घसीटना और बिना कारण आरोप लगाना उचित नहीं है। उनके अनुसार मीडिया केवल सार्वजनिक बयानों और तथ्यों को जनता के सामने रखता है।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता से कहा कि यदि उनके पास मीडिया के खिलाफ कोई ठोस प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक करें। बिना किसी सबूत के पूरे मीडिया को पक्षपाती बताना और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने ‘भोंपू’ शब्द पर खेद जताने और उसे वापस लेने की भी मांग की।
निष्पक्ष पत्रकारिता का दिया हवाला
प्रेम शंकर सिंह ने अपने 25 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने हर सरकार से सवाल पूछे हैं और हमेशा निष्पक्ष पत्रकारिता की है। उन्होंने कहा कि यदि कोई यह साबित कर दे कि BHARAT अपडेट ने बिना तथ्यों के किसी सरकार का पक्ष लिया है या एकतरफा पत्रकारिता की है, तो वे पत्रकारिता छोड़ने के लिए तैयार हैं। लेकिन यदि ऐसा कोई प्रमाण नहीं है तो निराधार आरोप लगाने वालों को भी अपने शब्दों पर खेद व्यक्त करना चाहिए।
मीडिया का काम सत्ता और विपक्ष दोनों से सवाल करना
बहस के दौरान जब समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि मीडिया को सरकार से सवाल पूछने चाहिए, तब प्रेम शंकर सिंह ने जवाब दिया कि मीडिया अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया का काम सत्ता और विपक्ष दोनों से सवाल पूछना है और यही लोकतंत्र तथा निष्पक्ष पत्रकारिता की पहचान है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि मीडिया वास्तव में किसी एक पक्ष का “भोंपू” होती तो राम मंदिर चंदा विवाद जैसे मामलों पर लगातार सवाल नहीं उठाती। मीडिया ने इस मामले में सभी पक्षों से जवाब मांगे और पूरे मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
सकारात्मक राजनीति की अपील
प्रेम शंकर सिंह ने सभी राजनीतिक दलों से सकारात्मक राजनीति करने की अपील करते हुए कहा कि मीडिया किसी दल का नहीं बल्कि जनता का मंच है। उन्होंने कहा कि BHARAT अपडेट का उद्देश्य किसी विचारधारा का समर्थन करना नहीं, बल्कि हर पक्ष को तथ्यों के साथ जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने दोहराया कि चैनल निष्पक्ष, निर्भीक और तथ्य आधारित पत्रकारिता के अपने सिद्धांतों पर आगे भी कायम रहेगा तथा सत्ता और विपक्ष दोनों से समान रूप से सवाल पूछता रहेगा।
