Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में बढ़ती जाम की समस्या को खत्म करने के लिए लगातार योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में बढ़ती जाम (Jam) की समस्या को खत्म करने के लिए लगातार योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसी दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए तिलपता गांव (Tilpata Village) में लगने वाले जाम को समाप्त करने के लिए तिलपता बाईपास बनाने का निर्णय लिया गया है। इस बाईपास के निर्माण के लिए किसानों (Farmers) की सहमति से जमीन ली जाएगी। प्राधिकरण के अधिकारियों ने शनिवार को इस बाईपास (Bypass) के लिए जरूरी जमीन का सर्वेक्षण किया, जिसमें यह निर्धारित किया गया कि सड़क (Road) के निर्माण के लिए किस रकबे से कितनी जमीन ली जाएगी।
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आपको बता दें कि इस बाईपास (Bypass) की लंबाई 2300 मीटर और चौड़ाई 60 मीटर होगी, जिसमें बीच के कुछ हिस्से में मकान आने के कारण 250 मीटर के लेआउट में बदलाव किया गया है। यह बाईपास दादरी-सूरजपुर रोड पर तिलपता गांव में लगने वाले जाम को समाप्त करने के लिए प्रस्तावित है और यह रूपबास गांव के पास से ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ने वाली 130 मीटर चौड़ी सड़क तक जाएगा। बाईपास को खोदना कलां, श्यौराजपुर और कैलाशपुर होते हुए दादरी बाईपास से जोड़ा जाएगा।
बाईपास निर्माण की प्रक्रिया तेज
प्राधिकरण के महाप्रबंधक परियोजना ने बताया कि तिलपता बाईपास रोड (Tilpata Bypass Road) के निर्माण की तैयारी को तेज कर दिया गया है। सीआरआरआई द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, अधिकारियों ने 2300 मीटर लंबी सड़क के 250 मीटर के हिस्से में समस्याओं का सामना किया है, क्योंकि वहां कुछ मकान बने हुए हैं। इस मुद्दे का हल निकालते हुए, 250 मीटर के क्षेत्र में लेआउट में बदलाव किया जाएगा। इसके बाद इस क्षेत्र का प्राधिकरण द्वारा सर्वेक्षण किया गया है, ताकि यह तय किया जा सके कि किस रकबे से कितनी जमीन ली जाएगी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कंटेनर डिपो से जाम की समस्या
तिलपता गांव (Tilpata Village) के पास स्थित कंटेनर डिपो के कारण वहां पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां से दिल्ली-एनसीआर में कंटेनर भेजे जाते हैं, जिससे कई बार घंटों तक जाम लगता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाईपास के निर्माण के बाद कंटेनर अब गांव के बीच से नहीं गुजरेंगे, बल्कि सीधे 130 मीटर रोड पर पहुंच जाएंगे, जिससे जाम की समस्या का समाधान होगा।
