Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और ट्रैफिक कम करने के उद्देश्य से एक नई पहल ‘मेट्रो मंडे’ की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री खुद मेट्रो से सफर करते हुए दिल्ली सचिवालय पहुंचीं। उनकी इस पहल को लोगों के बीच सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली जैसे बड़े शहर में ट्रैफिक और प्रदूषण लगातार बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। ऐसे में अगर लोग निजी वाहनों के बजाय मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें तो इससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद उदाहरण पेश करना चाहती है ताकि आम लोग भी इस दिशा में प्रेरित हों।
लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने यात्रा के दौरान मेट्रो में मौजूद यात्रियों से बातचीत भी की। उन्होंने लोगों से अपील की कि सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग जरूर करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो देश की सबसे आधुनिक और सुविधाजनक परिवहन सेवाओं में से एक है और इसका अधिक उपयोग शहर के लिए फायदेमंद साबित होगा।
रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि खुद मैदान में उतरकर बदलाव का संदेश देना चाहती है। उन्होंने बताया कि ‘मेट्रो मंडे’ अभियान का मकसद लोगों में सार्वजनिक परिवहन के प्रति विश्वास और जागरूकता बढ़ाना है।
ट्रैफिक और प्रदूषण कम करने पर जोर
दिल्ली लंबे समय से ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण जैसी समस्याओं से जूझ रही है। ऐसे में सरकार की यह पहल पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ी मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अधिक लोग मेट्रो और बस सेवाओं का उपयोग करेंगे तो सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन को और अधिक मजबूत और सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों और अन्य परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
लोगों ने सराही मुख्यमंत्री की पहल
मुख्यमंत्री के मेट्रो सफर को लेकर यात्रियों और आम लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने इसे एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम बताया। लोगों का कहना है कि जब सरकार के शीर्ष नेता खुद सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे तो आम जनता भी इसके लिए प्रेरित होगी।
‘मेट्रो मंडे’ अभियान के जरिए दिल्ली सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि सार्वजनिक परिवहन केवल सुविधा ही नहीं, बल्कि बेहतर और स्वच्छ शहर की दिशा में एक जरूरी कदम भी है।
