Lok Adalat: दिल्ली में लगने वाली नेशनल लोक अदालत की तारीख बदल दी गई है। पहले यह लोक अदालत 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली थी, लेकिन अब इसे 22 मार्च 2026 (रविवार) को आयोजित किया जाएगा। यह फैसला दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DSLSA) द्वारा जारी नोटिस के बाद लिया गया है।
क्यों बदली गई लोक अदालत की तारीख
अधिकारियों के अनुसार 14 मार्च को दिल्ली की अदालतों में सामान्य कामकाज निर्धारित था, इसलिए लोक अदालत की तारीख बदलकर 22 मार्च कर दी गई। इससे अदालतों में कार्य प्रभावित नहीं होगा और लोग आसानी से अपने मामलों का निपटारा करा सकेंगे।
किन-किन अदालतों में लगेगी लोक अदालत
दिल्ली की यह लोक अदालत सभी प्रमुख जिला अदालत परिसरों में आयोजित की जाएगी, जैसे:
- तीस हजारी कोर्ट
- कड़कड़डूमा कोर्ट
- पटियाला हाउस कोर्ट
- रोहिणी कोर्ट
- साकेत कोर्ट
- द्वारका कोर्ट
- राउज एवेन्यू कोर्ट
इन अदालतों में लोग अपने छोटे-मोटे मामलों का समाधान करा सकते हैं।
किन मामलों का होगा निपटारा
लोक अदालत में आमतौर पर छोटे और समझौता योग्य मामलों का निपटारा किया जाता है। इनमें शामिल हैं:
- ट्रैफिक चालान (सीट बेल्ट, हेलमेट, रेड लाइट जंप)
- ओवरस्पीडिंग
- गलत पार्किंग
- प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) न होना
- ड्राइविंग लाइसेंस न होना
- ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन
हालांकि गंभीर आपराधिक मामले, जैसे शराब पीकर गाड़ी चलाना या बड़े हादसे से जुड़े केस, लोक अदालत में नहीं सुने जाते।
कैसे करा सकते हैं चालान का निपटारा
यदि किसी व्यक्ति का ट्रैफिक चालान कोर्ट में लंबित है, तो वह लोक अदालत में जाकर इसे आसानी से निपटा सकता है। इसके लिए पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा और फिर निर्धारित तारीख पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अदालत पहुंचना होगा।
लोक अदालत का उद्देश्य
लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को तेजी से और कम खर्च में न्याय दिलाना है। यहां मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया जाता है, जिससे अदालतों में लंबित मामलों की संख्या भी कम होती है।
दिल्ली में लोक अदालत की नई तारीख 22 मार्च 2026 तय होने से उन लोगों को राहत मिलेगी जिनके ट्रैफिक चालान या छोटे विवाद लंबित हैं। इस अवसर का लाभ उठाकर लोग अपने मामलों को जल्दी और सरल तरीके से निपटा सकते हैं।
