Delhi पुलिस ने एक कंप्यूटर साइंस इंजीनियर को ठगी और साइबर फ्रॉड के मामले में गिरफ्तार किया है।
Delhi News: दिल्ली पुलिस ने एक कंप्यूटर साइंस इंजीनियर (Computer Science Engineer) को उसके दो साथियों के साथ ठगी और साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी न केवल लोगों से ठगी करता था, बल्कि देशभर के जालसाजों को बैंकिंग डाटा बेचने का काम भी करता था। पुलिस (Police) जांच में खुलासा हुआ है कि उसका नेटवर्क पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे कई राज्यों में फैला हुआ था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के कारनामे जानकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।

ख़बरीमीडिया के Whatsapp ग्रुप को फौलो करें https://whatsapp.com/channel/0029VaBE9cCLNSa3k4cMfg25
‘बाबा किस्मतवाले’ चैनल का संचालक था मास्टरमाइंड
आपको बता दें कि पश्चिमी दिल्ली साइबर थाना पुलिस (Delhi Cyber Police Station) ने कार्रवाई करते हुए निवास कुमार मंडल, प्रधुम्न कुमार मंडल और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है। निवास ‘बाबा किस्मतवाले’ नाम से एक टेलीग्राम चैनल चलाता था, जिसके जरिए वह देशभर के साइबर अपराधियों को बैंकिंग डाटा बेचता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन, 5 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 3 चेक बुक, एक मैकबुक, एक आईपैड और 47,800 रुपये नकद बरामद किए हैं।
दिल्ली जल बोर्ड के नाम पर की थी ठगी
शिकायतकर्ता ने पुलिस को कहा कि आरोपियों ने दिल्ली जल बोर्ड का बिल भरने के नाम पर उसे एक एपीके फाइल भेजी। जैसे ही उसने वह फाइल डाउनलोड की, उसके अकाउंट से दो लाख रुपये निकाल लिए गए। जब पीड़ित ने विरोध किया तो आरोपियों ने कनेक्शन काटने की धमकी दी। इसके बाद इंस्पेक्टर विकास की टीम ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
ये भी पढ़ेंः TRAI: लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए TRAI ने उठाया बड़ा कदम
हरियाणा के पेट्रोल पंप तक पहुंची ठगी की रकम
एसआई अरविंद सिंह की जांच में सामने आया कि ठगी की रकम इंफीबीम पेमेंट गेटवे के जरिए बनाए गए ड्राइवट्रैक प्लस कार्ड में जमा की गई थी। बाद में इन कार्ड्स का इस्तेमाल हरियाणा के नूंह स्थित पेट्रोल पंपों पर किया गया। तकनीकी जांच में पता चला कि आरोपी जिस व्हाट्सएप अकाउंट का इस्तेमाल कर रहे थे, वह झारखंड के जामताड़ा से हैक किया गया था।
मुख्य आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार
तकनीकी विश्लेषण से पुलिस ने मुख्य आरोपी निवास कुमार मंडल की पहचान की और उसे पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने जामताड़ा से प्रधुम्न कुमार मंडल को भी पकड़ा। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि फोन कॉल कर ठगी करने का काम नाबालिग करता था, जिसे बाद में पुलिस ने भी हिरासत में ले लिया।
बैंकिंग डाटा बेचने का काम करता था इंजीनियर
मुख्य आरोपी निवास कुमार मंडल साइबर अपराधियों को बैंकिंग डाटा बेचने का धंधा करता था। उसने अपने चैनल और संपर्कों के माध्यम से लाखों नागरिकों की वित्तीय जानकारी इकट्ठा कर रखी थी।
ये भी पढ़ेंः Noida: खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ा खेल, ये रही डिटेल
कंप्यूटर साइंस में बीटेक, लेकिन नौकरी न मिलने पर बन गया ठग
निवास कुमार मंडल पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और उसने अरुणाचल प्रदेश से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है। उसके पास सीईएच (सर्टिफाइड एथिकल हैकर) डिप्लोमा भी है। हालांकि नौकरी न मिलने के बाद उसने साइबर अपराध का रास्ता चुन लिया और अब वह पुलिस की गिरफ्त में है।
