Cyber Fraud: यूपी की साइबर क्राइम टीम ने एक इंटरस्टेट साइबर सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए ठगों को गिरफ्तार किया है।
Cyber Fraud: उत्तर प्रदेश के कानपुर पुलिस की साइबर क्राइम टीम (Cyber Crime Team) ने एक इंटरस्टेट साइबर सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए दो ठगों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि दोनों आरोपी बीटेक (B.Tech) और एमबीए (MBA) डिग्री धारक हैं और सिंगापुर (Singapore) में नौकरी कर चुके हैं। इनमें से एक क्रिकेट खिलाड़ी भी है। बताया जा रहा है कि दोनों केवल अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए साइबर ठगी करने लगे थे। पढ़िए पूरा मामला…

सिंगापुर की नौकरी छूटने के बाद बने ठग
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनुज तोमर और विवेक शर्मा के रूप में हुई है। अनुज एमबीए पास है, जबकि विवेक बीटेक डिग्रीधारी और क्रिकेट खिलाड़ी है। दोनों पहले सिंगापुर में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करते थे, लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान नौकरी छूटने के बाद भारत लौट आए। यहां वे एक साइबर अपराधी के संपर्क में आए, जिसने उन्हें ऑनलाइन ठगी के तरीके सिखाए।
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क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी
पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपी क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने का झांसा देकर लोगों को ठगते थे। वे खुद को बैंक अधिकारी बताकर कॉल करते थे और फर्जी लिंक भेजकर लोगों से जानकारी हासिल करते थे। इसी के आधार पर वे खातों से पैसे निकाल लेते थे।
एक शिकायत से खुली पोल, बड़ी कार्रवाई
पुलिस ने कहा कि गोविंद नगर निवासी सुनील कुमार खन्ना ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जून में किसी व्यक्ति ने बैंक अधिकारी बनकर उनसे क्रेडिट कार्ड सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया और 1 लाख 35 हजार रुपये की ठगी की। खन्ना से फर्जी लिंक के जरिए एक फॉर्म भरवाया गया, जिससे ठगों ने उनके खाते से रकम निकाल ली। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
तकनीकी निगरानी से पकड़े गए आरोपी
साइबर अपराध टीम ने तकनीकी निगरानी, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल फुटप्रिंट की मदद से आरोपियों को ट्रेस किया। इसके बाद अनुज को चंडीगढ़ और विवेक को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से तीन लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, एक लग्जरी कार, क्रिकेट किट और सवा लाख रुपये का बल्ला बरामद किया है।
35 से अधिक शिकायतें, 60 लाख की ठगी
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश में कई लोगों को निशाना बनाया। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर इनके खिलाफ कम से कम 35 शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें करीब 60 लाख रुपये की ठगी की बात सामने आई है।
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महंगे शौक के लिए की ठगी
पूछताछ में विवेक शर्मा ने कहा कि उसने आईपीएल ट्रायल की तैयारी के लिए ठगी के पैसों से 1.25 लाख रुपये का बल्ला और अन्य क्रिकेट उपकरण खरीदे थे। वहीं दोनों ने ठगी के पैसों से एक महंगी कार भी खरीदी थी। पुलिस अब इनके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है।

साइबर ठगी से बचने के उपाय
संदिग्ध लिंक और ईमेल से बचें
कभी भी अनजाने ईमेल, मैसेज या लिंक पर क्लिक न करें। ठग अक्सर फर्जी वेबसाइट या लिंक भेजकर आपका बैंक या व्यक्तिगत डेटा चुराते हैं।
व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें
क्रेडिट कार्ड, बैंक खाता, पासवर्ड, OTP या पिन जैसी संवेदनशील जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति या वेबसाइट को न दें।
सॉफ्टवेयर और ऐप अपडेट रखें
मोबाइल, लैपटॉप और बैंकिंग ऐप हमेशा अपडेट रखें। पुराने संस्करण में सुरक्षा की कमजोरी हो सकती है, जिसका ठग फायदा उठा सकते हैं।
सुरक्षित पासवर्ड बनाएं
जटिल और लंबा पासवर्ड चुनें और अलग-अलग अकाउंट्स के लिए अलग पासवर्ड रखें।
संदेह होने पर बैंक या संस्था से संपर्क करें
अगर कोई संदेश या कॉल संदेहजनक लगे, सीधे बैंक या संबंधित संस्था से संपर्क करें।
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साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का उपयोग करें
यदि ठगी या धोखाधड़ी की घटना हो, तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
