Chhattisgarh News: हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर परिसर के सुंदर सदन में आयोजित ‘पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव’ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्रकारिता की भूमिका और उसके महत्व पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी हैं, जो हर परिस्थिति में जनता तक सही जानकारी पहुंचाने का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया केवल समाचार देने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को सही दिशा देने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण स्तंभ भी है।
पत्रकारिता ने हमेशा समाज को दिखाई सही राह
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पत्रकारिता ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर सामाजिक बदलाव तक हर दौर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मीडिया की सकारात्मक आलोचना सरकार और प्रशासन को आत्ममंथन का अवसर देती है और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने रायपुर प्रेस क्लब को इस आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह देश के पुराने और प्रतिष्ठित प्रेस क्लबों में शामिल है और इसकी गौरवशाली परंपरा रही है।
छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता परंपरा का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने रायपुर और छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता परंपरा को याद करते हुए मधुकर खेर, मायाराम सुरजन, ललित सुरजन, रमेश नैय्यर और बबन प्रसाद मिश्र जैसे प्रतिष्ठित पत्रकारों और संपादकों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन विभूतियों ने पत्रकारिता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और समाज में जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

उदंत मार्तंड से शुरू हुई हिंदी पत्रकारिता की यात्रा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 मई 1826 को श्री जुगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित ‘उदंत मार्तंड’ ने हिंदी पत्रकारिता की मजबूत नींव रखी थी। उन्होंने बताया कि हिंदी पत्रकारिता की यह 200 वर्षों की यात्रा देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देवर्षि नारद को आदि पत्रकार माना जाता है और यह भी एक रोचक तथ्य है कि उदंत मार्तंड का प्रकाशन भी नारद जयंती के दिन ही शुरू हुआ था।
स्वतंत्रता आंदोलन में पत्रकारिता की रही बड़ी भूमिका
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, माधवराव सप्रे और सुभाषचंद्र बोस जैसे महान नेताओं ने पत्रकारिता को जनजागरण और राष्ट्रीय चेतना का माध्यम बनाया। उन्होंने विशेष रूप से माधवराव सप्रे का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों को जागरूक और संगठित किया।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया और कहा कि उनकी पत्रकारिता ने राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का काम किया। ‘स्वदेश’ और ‘राष्ट्रधर्म’ जैसे प्रकाशनों ने देश में राष्ट्र भावना को नई ऊर्जा दी।

बस्तर की नई पहचान बनाने में मीडिया की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में मीडिया ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पत्रकारों ने बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलाव, विकास, पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य को देश-दुनिया तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि जो बस्तर कभी हिंसा की खबरों के लिए जाना जाता था, आज वह विकास और पर्यटन की नई पहचान बना रहा है।
वरिष्ठ पत्रकारों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की यात्रा को गौरवशाली बताया। वहीं वरिष्ठ पत्रकार एवं इंडिया हैबिटेट सेंटर के डायरेक्टर डॉ. के.जी. सुरेश ने पत्रकारिता को तथ्य आधारित और शोधपरक बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। साथ ही हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर प्रकाशित विशेषांक, रायपुर प्रेस क्लब की पत्रकार डायरेक्टरी और लेखक दिनेश यदु की पुस्तक ‘मैं अगहन हूं’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, पत्रकार, बुद्धिजीवी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
