MP में सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश पुलिस को अपराध अनुसंधान में नई ताकत मिली है।
MP News: मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Dr. Mohan Yadav) के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रदेश पुलिस को 57 अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन (Mobile Forensic Van) उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे अपराध अनुसंधान और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया तेज, सटीक और वैज्ञानिक हो सकेगी। बता दें कि सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय से 14 मोबाइल फोरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पढ़िए पूरी खबर…
पहले चरण में प्रमुख शहरों को मिली प्राथमिकता
पहले चरण में भोपाल और इंदौर को चार-चार मोबाइल फोरेंसिक वैन आवंटित की गई हैं, जबकि जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, रतलाम, उज्जैन और सागर को एक-एक वैन दी गई है। शेष वैन नए वर्ष में अन्य जिलों को उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे पूरे प्रदेश में फोरेंसिक सुविधाओं का विस्तार हो सके।
सीन ऑफ क्राइम की वैज्ञानिक जांच को मिलेगी मजबूती
सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Dr. Mohan Yadav) ने कहा कि मोबाइल फोरेंसिक वैन सीन ऑफ क्राइम की त्वरित, सटीक और वैज्ञानिक जांच में मील का पत्थर साबित होंगी। इससे अपराधों के शीघ्र खुलासे में मदद मिलेगी, दोष सिद्धि दर में बढ़ोतरी होगी और नागरिकों का पुलिस पर भरोसा और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश में फोरेंसिक-आधारित विवेचना को नई दिशा देगी।
केंद्र सरकार की सहायता से 37 करोड़ की लागत
प्रदेश को मिली इन 57 मोबाइल फोरेंसिक वैन पर करीब 36.94 करोड़ रुपये की लागत आई है, जो केंद्र सरकार की सहायता से उपलब्ध कराई गई है। इनमें से 14 वैन 16 दिसंबर 2025 को प्राप्त हुई थीं, जिन्हें अब विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया गया है।
अत्याधुनिक उपकरणों से पूरी तरह सुसज्जित वैन
इन मोबाइल फोरेंसिक वैन में स्टीरियो माइक्रोस्कोप, वेइंग बैलेंस, डीएसएलआर कैमरा, मिनी फ्रिज, एलईडी टीवी स्क्रीन, थर्मल प्रिंटर और बॉडी-वॉर्न कैमरा जैसे अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। इसके साथ ही फिंगरप्रिंट, रक्त और बाल की पहचान, डीएनए सैंपल कलेक्शन, गनशॉट अवशेष, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की पहचान, आगजनी जांच, पैर और टायर के निशान का विश्लेषण, साक्ष्य पैकिंग और चेन ऑफ कस्टडी से जुड़ी विशेष किट भी वैन में मौजूद रहें।
