Chhattisgarh News: ग्रामीण भारत में महिला सशक्तिकरण की कई प्रेरक कहानियां सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है Sangeeta Singh की, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया बल्कि अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। उनकी यह सफलता ग्रामीण महिलाओं के लिए एक नई उम्मीद और प्रेरणा बनकर उभरी है।
स्वयं सहायता समूह से शुरू हुई आत्मनिर्भरता की राह
छत्तीसगढ़ के Manendragarh-Chirmiri-Bharatpur district के ग्राम दुधाशी की निवासी संगीता सिंह ने वर्ष 2021 में बीसी सखी के रूप में अपने कार्य की शुरुआत की। बीसी सखी के माध्यम से गांव के लोगों को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने का काम किया जाता है।
पहले गांव के लोगों को बैंक से संबंधित कामों के लिए शहर या ब्लॉक मुख्यालय तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। लेकिन संगीता सिंह के प्रयासों से अब ग्रामीणों को पैसे निकालने, जमा करने और अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए गांव से बाहर नहीं जाना पड़ता। इससे गांव के लोगों को काफी राहत मिली है।
बिहान योजना से मिला आर्थिक सहयोग
संगीता सिंह बताती हैं कि उन्होंने Bihan Yojana के अंतर्गत अपने स्वयं सहायता समूह से 68 हजार रुपये का ऋण लिया था। इसी आर्थिक सहयोग से उन्होंने बीसी सखी के रूप में अपने काम की शुरुआत की।
शुरुआत में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में नई व्यवस्था को स्वीकार करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने धैर्य और सेवा भावना के साथ लगातार काम किया। धीरे-धीरे गांव के लोगों का भरोसा उन पर बढ़ता गया और आज लोग पूरी विश्वास के साथ अपनी बैंकिंग सेवाओं के लिए उनसे संपर्क करते हैं।
उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला आधार किट
संगीता सिंह के समर्पण और उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए जिला प्रशासन ने उन्हें नई जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया। आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में आधार सेवाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से जिले में नए आधार केंद्र खोले जा रहे हैं।
इसी पहल के तहत संगीता सिंह को लैपटॉप सहित आधार किट प्रदान की गई। यह किट उन्हें जिला प्रशासन की ओर से प्रदान की गई ताकि वे ग्रामीणों को आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा सकें। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच को मजबूत बनाना है।
गांव में ही मिलेंगी आधार से जुड़ी सुविधाएं
अब आधार किट मिलने के बाद संगीता सिंह अपने गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आधार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कर सकेंगी। इनमें नया आधार पंजीकरण, आधार अपडेट और अन्य जरूरी सेवाएं शामिल हैं।
इससे ग्रामीणों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए शहर या ब्लॉक मुख्यालय तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। गांव में ही इन सुविधाओं की उपलब्धता से लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे।
महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
संगीता सिंह की सफलता की कहानी पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि महिलाओं को सही अवसर और संसाधन मिलें तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।
आज गांव की कई महिलाएं संगीता सिंह को देखकर प्रेरित हो रही हैं और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अपने जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत पहल
सरकार और जिला प्रशासन की यह पहल महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
संगीता सिंह जैसी महिलाएं आज ग्रामीण भारत में बदलाव की नई कहानी लिख रही हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि आत्मविश्वास, परिश्रम और सही अवसर मिल जाए तो कोई भी महिला अपने सपनों को साकार कर सकती है और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
