Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में चल रहे सुशासन तिहार 2026 के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांकेर जिला पंचायत सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और बस्तर जिलों में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम जनता की समस्याओं का संवेदनशील, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को सकारात्मक सोच के साथ काम करते हुए पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास और कृषि तैयारियों पर विशेष ध्यान
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत मकानों का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पात्र परिवारों को समय पर पक्के घर मिलने चाहिए। इसके साथ ही खरीदी केंद्रों से धान उठाव की प्रक्रिया तेज करने और स्थानीय स्तर पर धान मिलिंग को बढ़ावा देने के लिए युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने खरीफ सीजन को देखते हुए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया और वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित करने की बात कही। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि और एग्रीस्टैक पोर्टल में सभी पात्र किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा।
स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण को मिली प्राथमिकता
मुख्यमंत्री साय ने स्वास्थ्य विभाग को मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना, सिकल सेल स्क्रीनिंग और शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
महिला सशक्तिकरण के तहत उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री तैयार करने का कार्य देने के निर्देश दिए। साथ ही कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या बढ़ाने और सभी पात्र महिलाओं तक महतारी वंदन योजना का लाभ पहुंचाने पर बल दिया।
पेयजल, सड़क सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं पर जोर
गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति की लगातार निगरानी करने को कहा। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही डायल-112 सेवा के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।
विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन, बिहान योजना, तेंदूपत्ता खरीदी, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन, अटल डिजिटल सेवा केंद्र, ई-ऑफिस प्रणाली, डीएमएफ कार्यों, शिक्षा गुणवत्ता, सड़क निर्माण और कानून-व्यवस्था जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों की विभागवार समीक्षा की।
उन्होंने पखांजूर क्षेत्र में मत्स्यपालन की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए जल संरक्षण को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। वहीं अंतागढ़ और कोयलीबेड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में डीएमएफ निधि के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कुपोषण उन्मूलन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर बल दिया।
अधिकारियों को दी जवाबदेही के साथ काम करने की सीख
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाने और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करने के निर्देश दिए। बैठक में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया। यह समीक्षा बैठक चारों जिलों में विकास कार्यों को गति देने और जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
