Chhattisgarh News: दिव्यांगजनों के अधिकारों, पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त करने का सुनहरा अवसर उपलब्ध हुआ है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने वर्ष 2026 के राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। ये पुरस्कार हर वर्ष विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर प्रदान किए जाते हैं और इस बार भी 3 दिसंबर 2026 को उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।
31 जुलाई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए इच्छुक व्यक्ति, संस्थान, संगठन और कर्मचारी 31 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है और इसके लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल www.awards.gov.in पर आवेदन करना होगा। मंत्रालय का उद्देश्य ऐसे लोगों और संस्थाओं को पहचान देना है जिन्होंने दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कई क्षेत्रों में दिए जाएंगे पुरस्कार
राष्ट्रीय पुरस्कार विभिन्न श्रेणियों में प्रदान किए जाएंगे। इनमें दिव्यांगजन सशक्तिकरण, पुनर्वास सेवाएं, कौशल विकास, रोजगार उपलब्ध कराने, सुगम वातावरण तैयार करने, अनुसंधान एवं नवाचार, खेल, कला, साहित्य और अन्य संबंधित क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां शामिल हैं।
इन पुरस्कारों के माध्यम से उन प्रयासों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह सम्मान व्यक्तिगत स्तर पर कार्य करने वालों के साथ-साथ संस्थाओं और संगठनों को भी प्रदान किया जाएगा।
समाज में जागरूकता बढ़ाने की पहल
समाज कल्याण विभाग ने पात्र व्यक्तियों और संस्थाओं से समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है। विभाग के अनुसार यह पुरस्कार केवल सम्मान देने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज में दिव्यांगजन अधिकारों और समावेशी विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार का मानना है कि दिव्यांगजनों के हित में कार्य करने वाले लोगों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने से अन्य लोगों और संस्थाओं को भी इस दिशा में काम करने की प्रेरणा मिलेगी।
प्रेरणादायी प्रयासों को मिलेगी नई पहचान
राष्ट्रीय पुरस्कारों के जरिए उन व्यक्तित्वों और संगठनों को प्रोत्साहन मिलेगा जो लंबे समय से दिव्यांगजनों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं। इससे उनके प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी और देशभर में दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में नई ऊर्जा का संचार होगा।
विश्व दिव्यांग दिवस पर मिलने वाला यह सम्मान न केवल उपलब्धियों का उत्सव होगा, बल्कि एक समावेशी और समान अवसर वाले समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।
