Bihar News: पटना। आगामी मुहर्रम पर्व 2026 के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए बिहार सरकार ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि मुहर्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, सांप्रदायिक तनाव या अफवाह फैलाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बिना लाइसेंस नहीं निकलेगा कोई जुलूस
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने निर्देश दिया कि राज्य में कोई भी मुहर्रम जुलूस बिना पूर्व अनुमति और लाइसेंस के नहीं निकाला जाएगा। सभी जिलों को जुलूसों की शत-प्रतिशत लाइसेंसिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में शांति समितियों की बैठकें आयोजित कर स्थानीय स्तर पर सामुदायिक समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन स्थानीय प्रतिनिधियों और समाज के जिम्मेदार लोगों की मदद से असामाजिक तत्वों की पहचान करेगा।
डीजे, भड़काऊ गानों और नारेबाजी पर प्रतिबंध
सरकार ने मुहर्रम जुलूसों में डीजे के प्रयोग, भड़काऊ गानों और सांप्रदायिक नारेबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी जुलूस में ऐसी गतिविधियां न हों जो सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करें।
ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए लाउडस्पीकर संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। निर्धारित डेसिबल सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और प्रतिबंधित समय में लाउडस्पीकर चलाने की अनुमति नहीं होगी।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी पुलिस निगरानी
डीजीपी ने सभी जिलों को सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों और चिन्हित हॉटस्पॉट्स में विशेष पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जुलूसों के पारंपरिक मार्गों के अलावा किसी भी विवादास्पद या नए मार्ग पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों पर पहले से नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी
मुहर्रम के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विशेष साइबर मॉनिटरिंग की जाएगी। विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय ने जिलों को निर्देश दिया है कि साइबर टीम चौबीसों घंटे सक्रिय रहे और किसी भी संदिग्ध पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई करे।
हथियारों और आपत्तिजनक झांकियों पर सख्त रोक
सरकार ने जुलूसों में किसी भी प्रकार के गैर-कानूनी, धारदार या घातक हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसके अलावा सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाली झांकियों, व्यंग्य चित्रों या आपत्तिजनक प्रदर्शनों की अनुमति नहीं होगी।
जुलूस आयोजकों से सुरक्षा बंधपत्र भरवाना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जा सके।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी भी धर्मस्थल को नुकसान पहुंचाने या उसकी पवित्रता भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अफवाहों से बचने की अपील
बिहार सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे मुहर्रम पर्व को परंपरागत, शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में मनाएं। प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को देने का आग्रह किया है।
सरकार का कहना है कि सामाजिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है और मुहर्रम के अवसर पर इसी भावना के साथ सहयोग अपेक्षित है।
