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Chhattisgarh News: हाइपरटेंशन माह का समापन: नारायणपुर से उठी हाई ब्लड प्रेशर के खिलाफ जागरूकता की बड़ी मुहिम

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: उच्च रक्तचाप यानी हाइपरटेंशन आज दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बन चुका है। कई बार लोगों को इसके लक्षण तक महसूस नहीं होते, लेकिन यह चुपचाप शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचाता रहता है। यही कारण है कि इसे “साइलेंट किलर” कहा जाता है। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने इस खतरे के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक महीने तक विशेष अभियान चलाया, जिसका समापन हाल ही में जिला अस्पताल में किया गया।

जीएनएम छात्राओं ने संभाली जागरूकता की जिम्मेदारी

हाइपरटेंशन माह के समापन अवसर पर जीएनएम नर्सिंग छात्राओं ने नारायणपुर में जागरूकता रैली निकाली। हाथों में पोस्टर और स्वास्थ्य संदेश लेकर छात्राओं ने लोगों को नियमित ब्लड प्रेशर जांच कराने के लिए प्रेरित किया।

रैली के दौरान लोगों को बताया गया कि समय पर जांच और सही जीवनशैली अपनाकर हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर समस्या से बचा जा सकता है।

पोस्टर प्रदर्शनी के जरिए दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

जिला अस्पताल परिसर में पोस्टर प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। इसमें हाइपरटेंशन के कारण, लक्षण, जोखिम और बचाव के उपायों को आसान भाषा और चित्रों के माध्यम से समझाया गया।

इस प्रदर्शनी का उद्देश्य आम लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सरल तरीके से उपलब्ध कराना था, ताकि वे बीमारी को समय रहते पहचान सकें।

मरीजों और परिजनों को दी गई विशेष सलाह

अभियान के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने व्यक्तिगत रूप से जागरूक किया।

उन्हें बताया गया कि केवल दवा लेने से ही समस्या नियंत्रित नहीं होती, बल्कि कम नमक वाला भोजन, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और संतुलित जीवनशैली भी बेहद जरूरी है।

कई लोगों को इसी अभियान के दौरान पहली बार पता चला कि उनका ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक है और उन्हें इलाज की जरूरत है।

क्यों खतरनाक है हाइपरटेंशन?

एनसीडी नोडल अधिकारी डॉ. बी.एन. बनपुरिया ने बताया कि हाइपरटेंशन शुरुआती चरण में कोई विशेष लक्षण नहीं दिखाता, लेकिन धीरे-धीरे यह हृदय, मस्तिष्क और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। समय पर पहचान और उपचार से कई गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है।

टीम वर्क से सफल हुआ अभियान

इस पूरे अभियान को सफल बनाने में जिला अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरे महीने लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित कीं।

इस अभियान ने यह साबित किया कि सामूहिक प्रयासों से लोगों के स्वास्थ्य व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

30 वर्ष के बाद नियमित जांच जरूरी

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि 30 वर्ष की आयु के बाद नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराएं। कई बार व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ दिखाई देता है, लेकिन उसका ब्लड प्रेशर खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका होता है।

समय पर जांच, संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि और सकारात्मक सोच अपनाकर हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

स्वस्थ जीवनशैली ही सबसे बड़ा बचाव

नारायणपुर में चलाया गया यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करने की पहल है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करें तो हाइपरटेंशन जैसी गंभीर बीमारी से आसानी से बचा जा सकता है।

स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर ही हम एक स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और स्वस्थ छत्तीसगढ़ का निर्माण कर सकते हैं।