Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के पटना तहसील अंतर्गत देवखोल जंगल में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खनिज, वन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार को सघन अभियान चलाकर अवैध सुरंगों को ध्वस्त किया और भारी मात्रा में कोयला जब्त किया।
इस कार्रवाई के दौरान करीब 150 बोरी यानी 6 टन 61 किलो अवैध कोयला बरामद किया गया। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अवैध खनन करने वालों में हड़कंप मच गया है।
संयुक्त टीम की ताबड़तोड़ छापेमारी
प्रशासन द्वारा गठित टास्क फोर्स के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया। सुबह से ही टीम ने देवखोल क्षेत्र में छापेमारी शुरू की और कई स्थानों पर अवैध खनन की सुरंगों को ढूंढकर उन्हें ध्वस्त किया।
इस अभियान में एसडीएम सहित कई विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी की। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान अचानक चलाया गया, ताकि अवैध खनन करने वालों को कोई मौका न मिल सके।

सुरंगों में घुसकर की गई कार्रवाई, उपकरण भी जब्त
कार्रवाई के दौरान टीम ने सीधे सुरंगों के अंदर जाकर जांच की। वहां से कोयले के साथ-साथ कई उपकरण भी बरामद किए गए।
जब्त किए गए उपकरणों में फावड़ा, गेती, विद्युत पंप, फुटबॉल पाइप और बड़ी मात्रा में बिजली के तार शामिल हैं। इन उपकरणों की बरामदगी से यह साफ संकेत मिलता है कि अवैध कोयला खनन संगठित तरीके से किया जा रहा था और इसके पीछे एक पूरा नेटवर्क सक्रिय था।
कानूनी प्रावधानों के तहत दर्ज हुआ मामला
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कानूनों के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
इसमें छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 की धारा 71 और खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23 (ख) के तहत कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
पहले भी बंद की गई थीं अवैध खदानें
वन विभाग के अनुसार देवखोल क्षेत्र में पहले भी कई बार अवैध खदानों को बंद किया गया है। इसके लिए सुरंगों को ब्लास्ट कर सील करने की कार्रवाई भी की गई थी।
हालांकि, कुछ लोग बार-बार इन सुरंगों को दोबारा खोलने की कोशिश करते हैं और अवैध खनन शुरू कर देते हैं। हाल ही में पटना पुलिस ने भी करीब 3 टन 200 किलो अवैध कोयला जब्त किया था और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
प्रशासन की सख्ती और लगातार निगरानी
जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार नजर रखी जा रही है। जैसे ही कोई शिकायत मिलती है, तुरंत कार्रवाई की जाती है।

वनमंडलाधिकारी ने भी स्पष्ट किया कि ऐसी अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए नियमित अभियान चलाया जाएगा और आगे और सख्ती बरती जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले में अवैध खनन को पूरी तरह खत्म किया जाए।
ग्रामीणों के लिए रोजगार के विकल्प उपलब्ध
प्रशासन का कहना है कि स्थानीय लोगों को अवैध गतिविधियों से दूर रखने के लिए रोजगार के वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन के तहत ग्रामीणों को रोजगार दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत मुरमा और आसपास के क्षेत्रों में करीब 20.07 लाख रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें भूमि समतलीकरण, डबरी निर्माण और तालाब गहरीकरण जैसे कार्य शामिल हैं।
इसके अलावा वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 54 लाख रुपये के 30 नए कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जिससे ग्रामीणों को स्थायी रोजगार मिल सके।
कलेक्टर की अपील: जोखिम भरे काम से दूर रहें
जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे इस तरह के जोखिमपूर्ण और अवैध कार्यों से दूर रहें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कई रोजगार योजनाएं और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनका लाभ उठाकर लोग सुरक्षित और वैध तरीके से आजीविका कमा सकते हैं।
प्रशासन का मानना है कि जागरूकता और सख्ती दोनों के जरिए ही अवैध खनन जैसी समस्याओं पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सकता है।
