Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री Arun Sao ने शहरों में पेयजल आपूर्ति की समस्याओं, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं को निर्देश दिए कि अगले एक वर्ष के भीतर पेयजल समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए और अवैध निर्माण पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
पेयजल योजना में देरी पर अधिकारी निलंबित, ठेकेदार पर पेनाल्टी
उप मुख्यमंत्री ने रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में दिनभर चली समीक्षा बैठक में धमतरी की पेयजल योजना में देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने और ठेकेदार पर आर्थिक दंड लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल बजट खर्च करने के उद्देश्य से काम नहीं होना चाहिए, बल्कि समस्याओं का स्थायी समाधान होना चाहिए। पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

31 मई तक नालों और ड्रेनेज की सफाई अनिवार्य
बरसात के मौसम को देखते हुए उप मुख्यमंत्री ने सभी नगर निगमों को 31 मई तक बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही जलभराव रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने को कहा।
उन्होंने बताया कि जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम द्वारा नगर निगमों का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। यदि काम संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों और इंजीनियरों पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे घर जल्द पूरे करने के निर्देश
बैठक में Pradhan Mantri Awas Yojana (शहरी) के तहत अधूरे आवासों को सितंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा जिन आवासों का निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ है, उन्हें एक महीने के भीतर शुरू करने को कहा गया है।
उप मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि निर्धारित 18 महीने की अवधि में घर बनाने वाले हितग्राहियों को मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत 32,850 रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाए।

स्ट्रीट वेंडर्स और जल संरक्षण पर भी जोर
बैठक में PM SVANidhi Yojana के लाभ अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स तक पहुंचाने के लिए बैंकों के साथ समन्वय बढ़ाने को कहा गया।
इसके साथ ही शहरों में भूजल स्तर सुधारने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को बढ़ावा देने, डीएमएफ और सीएसआर फंड के उपयोग तथा जन सहयोग से अधिक परियोजनाएं शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।
कई योजनाओं और विकास कार्यों की हुई विस्तृत समीक्षा
उप मुख्यमंत्री ने नगर निकायों में चल रही कई प्रमुख योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की, जिनमें शामिल हैं:
- अमृत मिशन
- स्वच्छ भारत मिशन
- आपदा प्रबंधन योजनाएं
- नगरोत्थान योजना
- जलप्रदाय योजनाएं
- अधोसंरचना विकास कार्य
- 15वें वित्त आयोग से जुड़े प्रोजेक्ट
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधाजनक बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों और नई कार्य पद्धतियों को अपनाया जाए।
