Chhattisgarh News: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
“पूरा बस्तर अब नक्सलमुक्त”
बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक बस्तर में आयोजित हो रही है और बैठक से पहले ही पूरा बस्तर नक्सलमुक्त हो चुका है।
उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों, केंद्रीय एजेंसियों और राज्य सरकारों की भूमिका की सराहना की। अमित शाह ने कहा कि “Whole of the Government Approach” के तहत केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास पहुंचाने का काम किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार
गृह मंत्री ने देश के नक्सलमुक्त होने के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi का अभिनंदन करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को अब विकास की मुख्यधारा में लाना अगला बड़ा लक्ष्य है।
“विकास के बिना लड़ाई पूरी नहीं होगी”
अमित शाह ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाके लगभग पांच दशकों तक विकास से पीछे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इन क्षेत्रों को देश के बाकी हिस्सों के बराबर विकास नहीं मिलेगा, तब तक यह लड़ाई पूरी नहीं मानी जाएगी।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में केंद्र के साथ बेहतरीन समन्वय स्थापित किया।
राज्यों और केंद्र के बीच विवाद खत्म
गृह मंत्री ने कहा कि आज मध्य क्षेत्र के राज्यों और केंद्र सरकार के बीच लगभग सभी विवाद खत्म हो चुके हैं। उन्होंने इसे संघीय ढांचे की बड़ी सफलता बताया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषद की बैठकें “संवाद से समाधान” का मजबूत मंच बनी हैं।
क्षेत्रीय परिषद बैठकों में आई तेजी
अमित शाह ने बताया कि:
- 2004 से 2014 के बीच केवल 11 बैठकें हुई थीं
- 2014 से 2026 के बीच यह संख्या बढ़कर 32 हो गई
- चर्चित मुद्दों की संख्या 569 से बढ़कर 1729 तक पहुंच गई
- लगभग 80 प्रतिशत मुद्दों का समाधान भी किया जा चुका है

कुपोषण और शिक्षा पर दिया जोर
गृह मंत्री ने सभी राज्यों से कुपोषण के खिलाफ अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि स्कूल ड्रॉपआउट दर कम करने और स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए और अधिक प्रयास किए जाने चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने वित्तीय समावेशन, बिजली सुधार और ग्रामीण विकास को भी प्राथमिकता देने की बात कही।
POCSO और साइबर अपराध पर सख्ती की अपील
अमित शाह ने कहा कि POCSO और दुष्कर्म मामलों में समय पर DNA जांच होने से दोषसिद्धि दर 100 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
उन्होंने राज्यों से 1930 साइबर हेल्पलाइन सिस्टम को अपडेट करने और साइबर अपराध नियंत्रण को मजबूत करने की भी अपील की।
2029 से पहले तेज न्याय प्रणाली का लक्ष्य
गृह मंत्री ने कहा कि जैसे देश को नक्सलवाद से मुक्त किया गया है, उसी तरह अब लक्ष्य यह होना चाहिए कि हर आपराधिक मुकदमे का निपटारा सुप्रीम कोर्ट तक तीन साल के भीतर हो।
उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को 2029 से पहले हासिल करने के लिए सभी राज्यों को मिलकर काम करना होगा।
