Meerut News: इस साल (2026) 10वीं CBSE बोर्ड परीक्षा में उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) लिखने के तरीके में बदलाव किया गया है। अब छात्र-छात्राओं को उत्तर लिखते समय नई नियमावली का पालन करना होगा, जिससे उनके उत्तर और अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित ढंग से लिखे जाएँ। इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों की लिखने की शैली, सही स्थान का उपयोग और उत्तर की प्रस्तुति को बेहतर बनाना है। इससे वे कॉपी में सही तरीके से अंक प्राप्त कर सकेंगे।
नया क्या है? सही ढंग से उत्तर लिखने का तरीका बदल गया
CBSE द्वारा जारी किए गए निर्देश के अनुसार अब छात्र/छात्राएँ उत्तर पुस्तिका में प्रत्येक प्रश्न के लिए प्रावधान किए गए बॉक्स/सीमित स्थानों में ही उत्तर लिखेंगे। इसका मतलब यह है कि उन्हें निर्दिष्ट स्थानों के बाहर लिखने की अनुमति नहीं होगी। इससे पेपर जांच के समय व्याख्याकारों को उत्तर पढ़ना आसान होगा और किसी भी प्रकार की ग़लतफहमी या लिखावट की उलझन से भी बचा जा सकेगा।
छात्रों को क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए
- छात्र/छात्राओं को आवश्यक है कि वे निर्धारित जगह में ही उत्तर लिखें, उसके बाहर लिखने पर अंक काटे जा सकते हैं।
- उत्तर पुस्तिका में दिए गए लाइन/सेक्शन के अनुसार ही उत्तर देने होंगे।
- प्रश्न संख्या और उसके स्थान का सही मिलान होना चाहिए, ताकि परीक्षक को उत्तर समझने में दिक्कत न हो।
ये नियम सभी 10वीं के छात्रों पर लागू होंगे।
बदलाव क्यों किया गया?
CBSE का कहना है कि पिछले वर्षों में कई बार ऐसा देखा गया है कि छात्र उत्तर पुस्तिका में फ़ालतू जगह का उपयोग कर देते थे या सीमित स्थान में उत्तर न देकर किनारे-किनारे लिखते थे। इससे मूल्यांकन के दौरान उत्तर का जुड़ना, पूरा उत्तर पढ़ना और अंक देना मुश्किल हो जाता था। अब नया सिस्टम उत्तर प्रस्तुति में एकरूपता (uniformity) लाने का प्रयास है।
इसे कैसे अपनाएँ?
विद्यार्थियों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे प्रैक्टिस पेपर्स और मॉडल पेपर्स के माध्यम से पहले से नई शैली में लिखने का अभ्यास करें। इससे उन्हें बोर्ड परीक्षा के दिन बेहतर तैयार रहने में मदद मिलेगी। स्कूल शिक्षक भी छात्रों को नया तरीका सिखाने में मदद करेंगे, ताकि छात्रों को परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न आए।
सरल निष्कर्ष
CBSE द्वारा 10वीं बोर्ड परीक्षा में उत्तर लिखने के तरीके में किया गया बदलाव साफ-सुथरे और व्यवस्थित उत्तर प्रस्तुति की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इसका लक्ष्य यह है कि शिक्षक छात्र के उत्तर को जल्दी और सही तरीके से पढ़ सकें और मूल्यांकन निश्चिय रूप से निष्पक्ष और पारदर्शी हो। छात्रों को चाहिए कि वे इस नियम को गंभीरता से अपनाएँ ताकि उन्हें बेहतर अंक प्राप्त हो सकें।
