Cancer Treatment News: कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिससे हर साल लाखों लोग प्रभावित होते हैं।
Cancer Treatment News: कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिससे हर साल लाखों लोग (People) प्रभावित होते हैं। इसे लेकर वैज्ञानिक (Scientist) निरंतर नए उपचार और रोकथाम के तरीकों पर शोध कर रहे हैं। हाल ही में, ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने टेलोमेयर नामक संरचनाओं पर आधारित एक नई प्रक्रिया (New Process) खोजी है, जो कैंसर के उपचार और बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पढ़िए पूरी खबर…
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क्या हैं टेलोमेयर?
टेलोमेयर गुणसूत्रों (Chromosomes) के सिरे पर स्थित छोटे सुरक्षात्मक आवरण होते हैं, जो कोशिकाओं की उम्र बढ़ने और कैंसर को रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, टेलोमेयर छोटे होते जाते हैं, जिससे कोशिकाओं को विभाजन रोकने का संकेत मिलता है। यह एक प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र है, जो कैंसर को फैलने से रोक सकता है।
टेलोमेयर और कैंसर उपचार
इस शोध को सिडनी स्थित चिल्ड्रन मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CMRI) के वैज्ञानिकों ने किया है, और इसका नेतृत्व टोनी सेसारे और उनकी टीम ने किया। शोध में यह पाया गया कि टेलोमेयर केवल छोटे नहीं होते, बल्कि ये सक्रिय रूप से कोशिकाओं की सुरक्षा भी करते हैं।
टोनी सेसारे (Tony Cesare) के मुताबिक, “हमारे डेटा से पता चलता है कि टेलोमेयर सिर्फ उम्र बढ़ने से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि ये कोशिकाओं पर होने वाले तनाव और क्षति पर प्रतिक्रिया करके कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने का काम भी कर सकते हैं।”
कैसे करते हैं टेलोमेयर कैंसर से बचाव?
कोशिका विभाजन को नियंत्रित करना: जब टेलोमेयर बहुत छोटे हो जाते हैं, तो वे कोशिकाओं को विभाजन रोकने का संकेत देते हैं, जिससे अनियंत्रित कोशिका वृद्धि पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
क्षतिग्रस्त कोशिकाओं का नाश: गंभीर गुणसूत्रीय क्षति वाले कोशिकाओं को टेलोमेयर आत्म-नाश (self-destruction) के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली: वैज्ञानिकों ने पाया है कि टेलोमेयर तनाव पर तेजी से प्रतिक्रिया कर सकते हैं, और कोशिकाओं को उम्र बढ़ने जैसी प्रतिक्रियाएं दिखाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं, जिससे कैंसर से बचाव हो सकता है।
टोनी सेसारे के मुताबिक, इस नई खोज से कैंसर उपचार (Cancer Treatment) की नई रणनीतियां विकसित की जा सकती हैं। अगर वैज्ञानिक टेलोमेयर को लक्षित करके कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने का तरीका ढूंढ़ने में सफल हो जाते हैं, तो यह कैंसर के लिए एक प्रभावी और नया उपचार विकल्प बन सकता है।
कैंसर के बढ़ते मामले
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2022 में करीब 2 करोड़ नए कैंसर मामलों की पहचान हुई और 97 लाख लोग इस बीमारी से निधन हो गए। हर 5 में से 1 व्यक्ति को जीवनभर में कैंसर होने की संभावना रहती है।
यह शोध टेलोमेयर की भूमिका को समझने में एक अहम कदम है, जिससे न केवल कैंसर रोकथाम में मदद मिल सकती है, बल्कि नए उपचारों के विकास की संभावना भी बढ़ सकती है। वैज्ञानिकों की यह खोज भविष्य में कैंसर से लड़ने में एक बड़ी क्रांति ला सकती है।
भारत में CAR-T सेल थेरेपी के ट्रायल में सफलता
हाल ही में भारत में हुए पहले CAR-T सेल थेरेपी के क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे “द लांसेट” में प्रकाशित हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, यह थेरेपी भारतीय मरीजों पर 73% तक सफल रही है, जो कैंसर के इलाज में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
क्या है CAR-T सेल थेरेपी?
CAR-T (Chimeric Antigen Receptor T-Cell) थेरेपी एक उन्नत इम्यूनोथेरेपी तकनीक है, जिसमें मरीज के टी-सेल्स को लैब में जेनेटिक रूप से मॉडिफाई किया जाता है, ताकि वे कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर उन्हें नष्ट कर सकें।
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क्यों है यह थेरेपी खास?
- यह उन मरीजों के लिए कारगर साबित हो रही है, जिनका कैंसर पारंपरिक इलाज से ठीक नहीं हो पा रहा था।
- खासकर रक्त कैंसर जैसे एक्यूट लिंफोब्लास्टिक ल्यूकेमिया और बड़े बी-सेल लिंफोमा के इलाज में प्रभावी है।
- भारत में इस तकनीक की सफलता कैंसर के मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है और आने वाले समय में यह और भी मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकती है।
