Bihar Vision Document 2047

Bihar Vision Document 2047: बिपार्ड द्वारा आयोजित अंतर-विभागीय परामर्श कार्यशाला

बिहार
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Bihar Vision Document 2047: बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) ने ‘बिहार विजन डॉक्यूमेंट @2047’ निर्माण हेतु एक अंतर-विभागीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया। यह आयोजन होटल ताज, पटना में संपन्न हुआ, जिसमें राज्य के 30 से अधिक विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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इस कार्यशाला के द्वारा विभिन्न विभागों को बिहार की विकास यात्रा को लेकर सामूहिक दृष्टि साझा करने का अवसर प्राप्त हुआ। इस मौके पर बिपार्ड के महानिदेशक के.के. पाठक और सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव डॉ. बी. राजेंद्र जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तियों सहित 60 से अधिक गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिनिधियों ने कार्यशाला की गरिमा बढ़ाई।

सभा को संबोधित करते हुए के.के. पाठक ने टीमवर्क और सामूहिक दृष्टिकोण की महत्ता पर जोर देते हुए कहा, “यह कार्यशाला 2047 तक एक समृद्ध और विकसित बिहार के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बिहार की प्रगति तभी संभव है, जब सभी विभाग मिलकर सहयोगात्मक रूप से कार्य करें।”

डॉ. बी. राजेंद्र ने इस दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए कहा, “बिहार @2047 का विजन डॉक्यूमेंट प्रदेश की आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने के साथ-साथ विशिष्ट चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करेगा। हमारी यह सामूहिक कोशिश एक ऐसे भविष्य का निर्माण करेगी, जो सतत, समावेशी और परिवर्तनकारी होगा।”

इस कार्यशाला में विभागों के बीच समन्वय और सहयोग को प्रोत्साहित करते हुए राज्य के विकास हेतु एकीकृत दृष्टि तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया गया। विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने 2047 तक अपने विभागीय लक्ष्यों और रणनीतियों को प्रस्तुत किया। इसके साथ ही, प्रदेश की प्रमुख विकासात्मक चुनौतियों को चिह्नित करते हुए राज्य में मौजूदा संसाधनों का उपयोग करने पर चर्चा की गई।

सत्रों में रचनात्मक विचार-विमर्श और गतिविधियों के माध्यम से प्रतिनिधियों ने अपने व्यक्तिगत दृष्टिकोण साझा किए और “विकसित बिहार 2047” विषय पर टैगलाइन का सुझाव दिया।

इस कार्यशाला में ग्रामीण विकास विभाग की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) आयुक्त, अभिलाषा शर्मा ने विभाग की सामाजिक सशक्तिकरण और पर्यावरणीय स्थिरता पर केंद्रित दृष्टि प्रस्तुत की। वहीं कृषि विभाग के सचिव, संजय अग्रवाल ने उन्नत कृषि उत्पादकता, नवाचारी पद्धति और प्रौद्योगिकी के समावेश के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और बिहार को कृषि व्यवसाय में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की बात पर जोर दिया।

कार्यशाला का समापन इस सर्वसम्मति के साथ हुआ कि 2047 तक बिहार के विकासात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों का समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। प्रत्येक विभाग की अपनी अलग दृष्टि महत्वपूर्ण है, लेकिन उनका एकीकृत प्रयास प्रदेश के समग्र और प्रभावी विकास को सुनिश्चित करेगा।

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‘बिहार @2047 विजन डॉक्यूमेंट’ जिसमें ये प्रयास और आकांक्षाएं संकलित हैं, बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 26 जनवरी 2025 को आधिकारिक रूप से जारी किया जाएगा।

यह दस्तावेज बिहार के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक परिवर्तनकारी रोडमैप के रूप में कार्य करेगा, जिसमें बुनियादी ढांचे के विकास, आर्थिक प्रगति, शिक्षा एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने और सामाजिक समावेशि