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Bihar: बाढ़-तूफान से बर्बाद हुई फसलों की भरपाई करेगी नीतीश सरकार, किसानों के लिए आवेदन की डेट बढ़ी

बिहार राजनीति
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12 जिलों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

Bihar News: बिहार में इस साल आई प्राकृतिक आपदा के बाद सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के नेतृत्व वाली सरकार ने एक बार फिर किसानों के हित में संवेदनशील फैसला लिया है। अत्यधिक बारिश, बाढ़ और तूफान ‘मोन्था’ से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना (Agricultural Input Subsidy Scheme) के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 2 दिसंबर से बढ़ाकर इतने दिसंबर कर दी गई है। यह फैसला स्वयं मुख्यमंत्री के निर्देश पर लिया गया है, जिससे कोई भी पात्र किसान सहायता से वंचित न रहे।

12 जिलों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की सरकार ने सर्वेक्षण पूरा कर लिया है और अब तेजी से राहत राशि वितरण की तैयारी की जा रही है। कैमूर, मधुबनी, किशनगंज, गया, भोजपुर, मधेपुरा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, शिवहर, बेगूसराय, पूर्वी चंपारण और सुपौल- इन 12 जिलों के 39 प्रखंडों की 397 पंचायतों के किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। सीएम नीतीश कुमार का स्पष्ट निर्देश है कि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता पहुंचाई जाए।

कितनी मिलेगी राहत राशि?

वर्षा आधारित/असिंचित फसल – 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर

सिंचित फसल – 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर

बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित) – 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर

जिन किसानों की फसलें 33 प्रतिशत या उससे अधिक नष्ट हुई हैं, उन्हें यह अनुदान सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में दिया जाएगा।

आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 5 दिसंबर की गई

कृषि विभाग ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर किसानों को अतिरिक्त मौका देते हुए आवेदन की तारीख 5 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दी है। विभाग ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर भी इसकी सूचना दी है। सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की सरकार ने हमेशा किसानों की सुविधा को प्राथमिकता दी है और यही वजह है कि अंतिम समय में भी तारीख बढ़ाई गई।

कैसे करें आवेदन?

किसान भाइयों को सिर्फ https://dbtagriculture.bihar.gov.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना है। आधार कार्ड, बैंक खाता, जमीन के कागजात और LPC या स्व-घोषणा पत्र अपलोड करना होगा। परिवार से केवल एक सदस्य ही आवेदन कर सकता है।

सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में बिहार का किसान अकेला नहीं है। सरकार उसके साथ खड़ी है। 5 दिसंबर तक आवेदन जरूर करें, जिससे आपको पूरा लाभ मिल सके।