Bihar News: लंबे समय से पासपोर्ट या पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) के लिए आवेदन करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। विदेश मंत्रालय के तहत पटना स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने लंबित मामलों के समाधान के लिए एक विशेष पासपोर्ट अदालत आयोजित करने का फैसला किया है।
यह पासपोर्ट अदालत 11 मार्च 2026 को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना परिसर में आयोजित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य उन आवेदकों की समस्याओं का समाधान करना है जिनके पासपोर्ट या पीसीसी से जुड़े आवेदन छह महीने से अधिक समय से लंबित हैं।
900 से अधिक आवेदकों को दिया गया निमंत्रण
इस पासपोर्ट अदालत में ऐसे 900 से ज्यादा आवेदकों को बुलाया गया है जिनके आवेदन काफी समय से लंबित हैं। इन लोगों को पासपोर्ट कार्यालय की ओर से ई-मेल या पत्र के माध्यम से सूचना भेजी गई है।
कार्यक्रम के दौरान आवेदकों को अपने मामलों से जुड़ी समस्या सीधे अधिकारियों के सामने रखने का मौका मिलेगा। इससे कई लंबित मामलों के जल्द समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।
अधिकारियों से सीधे बातचीत का मौका
पासपोर्ट अदालत के दौरान क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी आवेदकों से सीधा संवाद करेंगे। इस बातचीत के जरिए अधिकारियों को यह समझने में मदद मिलेगी कि आवेदन प्रक्रिया में लोगों को किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
साथ ही, जिन मामलों का तुरंत समाधान संभव नहीं होगा, उनमें आवेदकों को जरूरी दस्तावेज और आगे की प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट मार्गदर्शन दिया जाएगा। इससे आवेदन प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
पासपोर्ट सेवाओं को बेहतर बनाने की पहल
यह पासपोर्ट अदालत विदेश मंत्रालय की पासपोर्ट सेवा परियोजना (PSP) के तहत नागरिक-प्रथम (Citizens’ First) दृष्टिकोण का हिस्सा है। इस पहल का उद्देश्य पासपोर्ट सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिक-अनुकूल बनाना है।
ऐसी अदालतों के माध्यम से जटिल और लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने का प्रयास किया जाता है। इससे पहले भी पटना में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनसे कई आवेदकों की समस्याओं का समाधान हुआ है।
“मीट द आरपीओ” जैसी पहल भी जारी
पासपोर्ट अदालत के अलावा क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना ने शिकायतों के समाधान के लिए “मीट द आरपीओ” पहल भी शुरू की है। इसके तहत आवेदक सीधे क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी से मिलकर अपने लंबित या जटिल मामलों पर चर्चा कर सकते हैं।
इसके साथ ही एक विशेष सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रकोष्ठ भी बनाया गया है, जहां वरिष्ठ अधिकारी आवेदकों को जरूरी जानकारी और मार्गदर्शन देते हैं।
आवेदकों को साथ लाने होंगे जरूरी दस्तावेज
पासपोर्ट अदालत में भाग लेने वाले आवेदकों को कुछ जरूरी दस्तावेज साथ लाने की सलाह दी गई है। इनमें पासपोर्ट कार्यालय से मिला निमंत्रण पत्र या ई-मेल, आवेदन की फाइल संख्या या ARN और पासपोर्ट या PCC से जुड़े सभी मूल दस्तावेज शामिल हैं।
इन दस्तावेजों के आधार पर अधिकारियों द्वारा हर मामले की अलग-अलग जांच की जाएगी और आगे की प्रक्रिया के बारे में उचित मार्गदर्शन दिया जाएगा।
नागरिकों को मिलेगा बेहतर सेवा अनुभव
पासपोर्ट कार्यालय का मानना है कि इस तरह की पहल से न केवल लंबित मामलों का समाधान होगा, बल्कि पासपोर्ट सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
आवेदकों को प्रोत्साहित किया गया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने पासपोर्ट से जुड़ी समस्याओं का समाधान पाने के लिए अधिकारियों से सीधे संवाद करें। यह कदम नागरिकों को तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद पासपोर्ट सेवाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
