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Bihar News: गंगा किनारे बनेगा बिहार का सबसे बड़ा रिवरफ्रंट पार्क, जेपी गंगा पथ बनेगा पर्यटन की नई पहचान

बिहार
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Bihar News: बिहार सरकार राजधानी पटना में गंगा तट पर एक महत्वाकांक्षी परियोजना विकसित कर रही है। “जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान” के नाम से तैयार होने वाली यह परियोजना गंगा नदी, पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक विरासत, हरित विकास और आधुनिक सुविधाओं का अनूठा संगम होगी। सरकार का लक्ष्य इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाना है।

26 किलोमीटर लंबा बनेगा ग्रीन रिवरफ्रंट कॉरिडोर

परियोजना के पहले चरण में करीब 6 किलोमीटर लंबे ग्रीन-पार्क कॉरिडोर का विकास किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में इसका विस्तार पटना सिटी तक करते हुए लगभग 26 किलोमीटर लंबा रिवरफ्रंट कॉरिडोर तैयार किया जाएगा।

इससे गंगा किनारे एक विशाल, सतत और एकीकृत पर्यटन एवं हरित गलियारा विकसित होगा।

केवल पार्क नहीं, बनेगा बहुउद्देश्यीय पर्यटन केंद्र

जेपी गंगा पथ परियोजना को सिर्फ मनोरंजन स्थल तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यहां जल पर्यटन, सांस्कृतिक आयोजन, प्रकृति अवलोकन, स्थानीय व्यापार और विरासत पर्यटन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

प्रमुख आकर्षण होंगे:

  • वाटर मेट्रो जेट्टी
  • पर्यटन घाट
  • गंगा चैनल
  • पटना हाट
  • वेस्ट-टू-वंडर पार्क
  • स्वतंत्रता सेनानी पार्क
  • बॉटनिकल गार्डन
  • बटरफ्लाई गार्डन
  • आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं

गंगा थीम पर बनेंगी 50 विशेष दुकानें

गंगा पथ के किनारे लगभग 50 थीम आधारित दुकानों का निर्माण किया जाएगा। इन दुकानों की पहचान “गंगा एवं पाटलिपुत्र थीम” पर आधारित होगी।

इसके लिए राज्यस्तरीय डिजाइन प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।

प्रतियोगिता में पुरस्कार:

  • प्रथम पुरस्कार – ₹51,000
  • द्वितीय पुरस्कार – ₹21,000
  • तृतीय पुरस्कार – ₹11,000

भारतीय मूल के पेड़ों को मिलेगी प्राथमिकता

परियोजना के तहत हरित विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।

लगाए जाएंगे:

  • पीपल
  • बरगद
  • पाकड़

इसके अलावा आकर्षक पुष्प उद्यानों के लिए:

  • अमलतास
  • गुलमोहर
  • सेमल

जैसे पेड़ लगाए जाएंगे।

स्वतंत्रता सेनानी पार्क बनेगा खास आकर्षण

परियोजना में स्वतंत्रता सेनानी पार्क का निर्माण भी किया जाएगा, जहां बिहार के स्वतंत्रता संग्राम और उसके नायकों के योगदान को आधुनिक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को राज्य के गौरवशाली इतिहास से जोड़ना है।

पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं

परियोजना के तहत पार्किंग, अंडरपास, प्रवेश एवं निकास मार्ग, बैठने की व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। गंगा तट की ओर विशेष बैठने की व्यवस्था होगी, जहां लोग नदी के खूबसूरत दृश्यों का आनंद ले सकेंगे।

सीवरेज और जल प्रबंधन पर भी फोकस

परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए उपचारित जल प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी। वर्तमान 25 एमएलडी क्षमता को बढ़ाकर 100 एमएलडी तक ले जाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

31 अगस्त तक कार्यों में तेजी के निर्देश

विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि परियोजना से जुड़े निर्धारित कार्यों को 31 अगस्त तक पूरा करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं। विभिन्न विभागों और एजेंसियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

बिहार की नई पहचान बनेगा जेपी गंगा पथ

सरकार का मानना है कि यह परियोजना सिर्फ एक रिवरफ्रंट विकास योजना नहीं, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक पहचान, पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण का नया मॉडल बनेगी। गंगा की धारा और पाटलिपुत्र की विरासत को आधुनिक स्वरूप देने वाली यह परियोजना आने वाले समय में बिहार की नई पहचान बन सकती है।