Bihar News: बिहार में सड़क और पुल परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पथ निर्माण विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पटना में आयोजित समीक्षा बैठक में बिहार राज्य रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BSRDCL), बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (BRPNNL), राष्ट्रीय उच्चपथ और पथ निर्माण विभाग की बड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।
गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष जोर
सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी परियोजनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक डिवीजन का गहन सर्वे कराने और निर्माण कार्यों की भौतिक जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की प्राथमिकता केवल परियोजनाओं को पूरा करना नहीं, बल्कि उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करना है।
PMIS पोर्टल पर रियल टाइम मॉनिटरिंग के निर्देश
बैठक के दौरान अधिकारियों को PMIS पोर्टल नियमित रूप से अपडेट करने का निर्देश दिया गया। सचिव ने कहा कि परियोजनाओं की प्रगति की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए पोर्टल पर सही और अद्यतन जानकारी उपलब्ध होना आवश्यक है।
इससे विभाग को परियोजनाओं की स्थिति पर लगातार नजर रखने और समय रहते आवश्यक निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
जन शिकायतों के त्वरित निपटारे पर जोर
समीक्षा बैठक में ‘सहयोग पोर्टल’ पर प्राप्त शिकायतों की स्थिति का भी आकलन किया गया। सचिव ने कहा कि जनता की शिकायतों का समाधान विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
वर्तमान में 55 शिकायतें लंबित पाई गईं, जिनके शीघ्र निपटारे के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
सचिव पंकज कुमार पाल ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी परियोजना में गुणवत्ता से समझौता, कार्य में देरी या किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
मानसून से पहले तैयारियों की समीक्षा
बैठक में आगामी मानसून को देखते हुए बाढ़ और सूखे से संबंधित तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। सचिव ने निर्देश दिया कि सभी विभागीय इकाइयां निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार तैयारी पूरी करें।
उन्होंने पुलों और पुलियों की सफाई, कटाव रोकने के लिए आवश्यक सामग्री का भंडारण तथा संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी के निर्देश
सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून के दौरान किसी भी संभावित समस्या से बचने के लिए संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जाए। जहां भी आवश्यकता हो, वहां तत्काल मरम्मत और सुधार कार्य कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि सड़क और पुल नेटवर्क को सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
समय पर और गुणवत्तापूर्ण परियोजनाओं पर सरकार का फोकस
पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक से साफ संकेत मिला है कि बिहार सरकार अब बड़ी सड़क और पुल परियोजनाओं की गुणवत्ता, समयसीमा और जवाबदेही पर विशेष ध्यान दे रही है। विभाग का लक्ष्य न केवल अधूरी परियोजनाओं को तेजी से पूरा करना है, बल्कि जनता को बेहतर और सुरक्षित बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना भी है।
