Bihar News: पटना में पथ निर्माण विभाग के मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र ने राज्य में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। विभागीय सभागार में आयोजित बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और विभागीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को मजबूत बनाने, निर्माण कार्यों की स्थिति और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और सड़क बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर का बनाने के निर्देश दिए।
बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का विस्तार
समीक्षा बैठक में बताया गया कि बिहार में वर्तमान समय में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 6,819 किलोमीटर है। इनमें से 5,351 किलोमीटर सड़कें NHAI के अधीन हैं, जबकि 2,714 किलोमीटर सड़कें पथ निर्माण विभाग के रोड्स विंग द्वारा संचालित की जा रही हैं। राज्य में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।
41 बड़ी परियोजनाओं पर जारी है निर्माण कार्य
अधिकारियों ने बताया कि 1,634 किलोमीटर लंबाई की 41 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनमें वाराणसी-रांची-कोलकाता कॉरिडोर, आमस-दरभंगा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, दानापुर-बिहटा-कोइलवर-बक्सर एलिवेटेड कॉरिडोर, पटना रिंग रोड और ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर जैसी बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। वाराणसी-रांची-कोलकाता कॉरिडोर को बिहार के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य का संपर्क बड़े औद्योगिक क्षेत्रों से मजबूत होगा।
प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर नजर
बैठक में कई महत्वपूर्ण परियोजनियों की प्रगति की जानकारी दी गई। दानापुर-बिहटा चार लेन एलिवेटेड परियोजना में अब तक 58.3 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मुंगेर से मिर्जाचौकी मार्ग के पैकेज-2 और पैकेज-4 में 93 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है और इन्हें जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
छपरा-पटना-बख्तियारपुर-पूर्णिया कॉरिडोर के कई हिस्सों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं बेगूसराय के 4.2 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का 96 प्रतिशत काम पूरा हो गया है और इसे अगस्त 2026 तक पूरा करने की योजना है। पटना-बेतिया कॉरिडोर के विभिन्न हिस्सों में भी तेजी से निर्माण जारी है।
बड़े पुलों और सेतुओं की भी हुई समीक्षा
मंत्री ने गंगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बन रहे नए चार लेन पुल, दीघा-सोनपुर पुल, नए विक्रमशिला सेतु और कोसी फूलौत महासेतु की प्रगति की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि महात्मा गांधी सेतु परियोजना में 73 प्रतिशत, विक्रमशिला सेतु में 50.15 प्रतिशत और कोसी फूलौत महासेतु में 94.4 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। मंत्री ने सभी लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष जोर
बैठक के दौरान मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने कहा कि अंतिम चरण में पहुंच चुकी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने भूमि अधिग्रहण जैसी समस्याओं को स्थानीय प्रशासन के सहयोग से जल्द सुलझाने को कहा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़क और पुल निर्माण में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने परियोजनाओं की निगरानी बढ़ाने, निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय करने और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त मैनपावर लगाने के निर्देश दिए। साथ ही फ्लाई ऐश के स्थान पर नदियों की गाद के उपयोग पर विचार करने और बड़े पुलों पर सोलर कैमरे लगाने का सुझाव भी दिया, ताकि मुख्यालय स्तर से निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी की जा सके। बिहार में सड़क अवसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में यह समीक्षा बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
