Bihar News: बिहार के गांवों में वित्तीय जागरूकता की नई मुहिम, 600 शिविरों का होगा आयोजन

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Bihar News: बिहार के ग्रामीण इलाकों में वित्तीय जागरूकता और डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के लिए बिहार राज्य सहकारी बैंक (बीएससीबी) ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य गांवों में रहने वाले लोगों को बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल लेन-देन और सुरक्षित वित्तीय व्यवहार के प्रति जागरूक बनाना है। बैंक के अधिकारी और कर्मचारी विभिन्न गांवों में पहुंचकर वित्तीय समावेशन शिविर आयोजित कर रहे हैं और लोगों को आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी दे रहे हैं।

600 वित्तीय समावेशन शिविरों का लक्ष्य

बिहार राज्य सहकारी बैंक ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान पूरे राज्य में 600 वित्तीय समावेशन शिविर आयोजित करने का लक्ष्य रखा है। इस अभियान की शुरुआत 2 जून 2026 को सारण जिले से की गई। हसनपुर पीडीसीएस परिसर में आयोजित पहले शिविर में ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद राज्य के अन्य जिलों और गांवों में भी लगातार ऐसे शिविर लगाए जा रहे हैं।

डिजिटल बैंकिंग और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर

इन शिविरों में ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। लोगों को ऑनलाइन लेन-देन, मोबाइल बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और सुरक्षित वित्तीय व्यवहार की जानकारी दी जा रही है। साथ ही उन्हें साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके भी समझाए जा रहे हैं ताकि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार न बनें। बैंक का मानना है कि डिजिटल साक्षरता बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी

शिविरों के दौरान लोगों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा बैंक द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और उत्पादों जैसे सीएएसए अकाउंट, आरएएफए, गोल्ड लोन, धन लक्ष्मी योजना तथा महिलाओं के लिए विशेष ऋण और जमा योजनाओं की भी जानकारी दी जा रही है। ग्रामीणों के नए बचत खाते भी खोले जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोग औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ सकें।

ग्रामीणों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम

बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दूर-दराज के क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और लोगों को सरकारी एवं बैंकिंग योजनाओं का लाभ दिलाना है। सहकारिता मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गांव-गांव तक डिजिटल बैंकिंग, सुरक्षित लेन-देन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हर किसान, महिला और युवा को साइबर फ्रॉड से बचाने तथा उन्हें सहकारी बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण साबित होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही यह पहल वित्तीय समावेशन को मजबूत करने और लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।