Bihar Board Topper

Bihar Board Topper: दिहाड़ी मज़दूर का बेटा बना 10वीं का टॉपर..मोबाइल खरीदने के लिए नहीं थे पैसे

TOP स्टोरी Trending बिहार
Spread the love

Bihar Board Topper: दिहाड़ी मजदूर के बेटे कार्तिकेय कुमार ने पूरे बिहार में टॉप-10 में अपनी जगह बनाई।

Bihar Board Topper: कहते हैं कि मेहनत और लगन से किसी भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है, बस दृढ़ संकल्प की जरूरत होती है। बिहार मैट्रिक परीक्षा 2024 (Bihar Matric Exam 2024) के रिजल्ट में ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। दिहाड़ी मजदूर के बेटे कार्तिकेय कुमार (Karthikeya Kumar) ने तमाम मुश्किलों और आर्थिक तंगी के बावजूद 10वां स्थान हासिल कर यह साबित कर दिया कि सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं होती। मोबाइल (Mobile) तक खरीदने के पैसे नहीं होने के बावजूद कार्तिकेय ने अपने लक्ष्य को पाने के लिए अथक परिश्रम किया और पूरे बिहार (Bihar) में टॉप-10 में अपनी जगह बनाई। पढ़िए पूरी खबर…
ये भी पढ़ेंः Patna News: प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र से 2400 SC-ST अभ्यर्थी होंगे लाभान्वित

Pic Social Media

ख़बरीमीडिया के Whatsapp ग्रुप को फौलो करें https://whatsapp.com/channel/0029VaBE9cCLNSa3k4cMfg25

औरंगाबाद के 4 छात्र टॉप-10 में शामिल

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा (Bihar Board Matric Exam) के रिजल्ट में औरंगाबाद जिले के 4 होनहार विद्यार्थियों ने टॉप-10 में जगह बनाई है। जिले के अम्बा के दद्दपा गांव की शालू कुमारी ने 482 अंक प्राप्त कर पूरे बिहार में 8वां स्थान हासिल किया। वहीं, रफीगंज के आरबीआर हाई स्कूल के छात्र कार्तिकेय कुमार, पटेल हाई स्कूल की छात्रा आशा कुमारी और नबीनगर प्रखंड की छात्रा संजना गुप्ता ने 480 अंकों के साथ 10वां स्थान प्राप्त किया।

8 से 9 घंटे की पढ़ाई से मिली सफलता

रफीगंज निवासी महेंद्र शर्मा के बेटे कार्तिकेय कुमार (Karthikeya Kumar) की सफलता आसान नहीं थी। उनके पिता दिल्ली में दिहाड़ी मजदूरी करते हैं जिससे घर का खर्च चल सके और बच्चों की पढ़ाई में बाधा न आए। उनकी मां एक गृहिणी हैं। कार्तिकेय ने कहा कि परीक्षा से पहले वे रोज़ 8 से 9 घंटे तक पढ़ाई करते थे और कोचिंग में पढ़ाए गए विषयों को नियमित रूप से दोहराते थे। परीक्षा के दौरान वे थोड़ा नर्वस थे, लेकिन परिवार और शिक्षकों के सहयोग से उन्होंने खुद को तैयार किया। लेकिन, वे इससे भी बेहतर परिणाम की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अपनी सफलता से खुश हैं।

ये भी पढ़ेंः Bihar: बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में सफल परीक्षार्थियों को दी बधाई एवं शुभकामनायें- CM नीतीश कुमार

कार्तिकेय सिविल सर्विस की करना चाहते हैं तैयारी

कार्तिकेय (Karthikeya) का सपना सिविल सर्विस में जाना है। उन्होंने कहा कि उनके पास स्मार्टफोन खरीदने के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए सोशल मीडिया से दूर रहकर अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता ने हमेशा परिवार को प्राथमिकता दी और मजदूरी कर घर चलाते रहे। अब वे मेहनत करके एक ऐसा मुकाम हासिल करना चाहते हैं, जिससे घर की आर्थिक स्थिति में सुधार आए और उनके भाई-बहन को भी अच्छी शिक्षा मिल सके।