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Punjab में शिक्षा का बड़ा सुधार, अब स्कूलों में मिलेगी स्टार्टअप की सीख

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11वीं क्लास में होगी Entrepreneurship की पढ़ाई

Punjab News: पंजाब ने स्कूल शिक्षा में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए भारत का पहला ऐसा राज्य बनने का गौरव हासिल किया है, जहां कक्षा 11 के पाठ्यक्रम में उद्यमिता (Entrepreneurship) को मुख्य विषय के रूप में शामिल किया गया है। इस पहल से राज्य के 2.68 लाख से अधिक छात्रों को व्यावसायिक कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा। पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस (Minister Harjot Singh Bains) और आप प्रभारी मनीष सिसोदिया ने 29 अगस्त 2025 को इसकी घोषणा की। यह नया विषय शैक्षणिक सत्र 2025-26 से सभी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में लागू होगा।

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क्यों लाया गया यह विषय?

इस विषय को शुरू करने के पीछे उद्देश्य छात्रों में नवाचार, क्रिएटिव सोच और बिजनेस मानसिकता को बढ़ावा देना है। सरकार चाहती है कि छात्र केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थी टीम बनाकर बिजनेस आइडिया तैयार करेंगे, प्रोटोटाइप विकसित करेंगे, सीड फंडिंग जुटाने की कोशिश करेंगे और चाहें तो अपना प्रोडक्ट या सर्विस भी लॉन्च कर सकेंगे।

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अनुभव और प्रोजेक्ट पर आधारित सिलेबस

उद्यमिता विषय (Entrepreneurship Topic) का सिलेबस पूरी तरह अनुभव और प्रोजेक्ट वर्क पर आधारित होगा। इसमें लिखित परीक्षा पर जोर नहीं होगा। छात्रों का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा, जिसमें छात्र स्वयं मूल्यांकन करेंगे, साथी छात्र एक-दूसरे का मूल्यांकन करेंगे और शिक्षक या मेंटर मार्गदर्शन देंगे। हर साल इस विषय के लिए 18 पीरियड रखे जाएंगे जिनमें 3 थ्योरी और 15 प्रोजेक्ट वर्क के लिए होंगे। इससे छात्रों पर परीक्षा का बोझ कम होगा और पढ़ाई मनोरंजक व उपयोगी बनेगी।

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2.68 लाख छात्रों को मिलेगा लाभ

पंजाब के 3,840 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ने वाले 2.68 लाख से अधिक छात्र इस पहल से लाभान्वित होंगे। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस (Minister Harjot Singh Bains) ने कहा कि यदि इनमें से केवल 10 प्रतिशत छात्र भी भविष्य में अपना व्यवसाय शुरू करने में सफल होते हैं, तो उनकी गतिविधियों से प्रतिवर्ष 300 से 400 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधियां उत्पन्न हो सकती हैं। यह योजना न केवल छात्रों को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी।