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Arvind Kejriwal: दिल्ली के पूर्व CM अरविंद केजरीवाल को मिला नया बंगला, जानिए क्या है ख़ासियत?

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Arvind Kejriwal: AAP पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को उनका नया आधिकारिक आवास आवंटित कर दिया गया है।

Arvind Kejriwal: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को उनका नया आधिकारिक आवास आवंटित कर दिया गया है। उन्हें राजधानी के प्रतिष्ठित इलाके लोधी एस्टेट (Lodhi Estate) में स्थित 95 नंबर का टाइप-VII बंगला मिला है। यह आवास न केवल सरकारी नियमों के तहत मिला है, बल्कि इसकी भौगोलिक स्थिति और रियल एस्टेट वैल्यू (Estate Value) के लिहाज से भी यह बेहद खास माना जा रहा है। पढ़िए पूरी खबर…

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लुटियंस दिल्ली से सटे लोधी एस्टेट (Lodhi Estate) का यह इलाका देश की सत्ता और रसूख का प्रतीक माना जाता है। चौड़ी सड़कों, हरे-भरे लॉन और ऐतिहासिक बंगलों से सजे इस क्षेत्र में रहना एक बड़े ओहदे और रुतबे का संकेत होता है। अब यह इलाका केजरीवाल का नया आधिकारिक ठिकाना बन गया है।

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कैसा होता है टाइप-VII बंगला?

सरकारी मानकों के अनुसार, टाइप-7 बंगले आमतौर पर करीब 1 एकड़ जमीन में फैले होते हैं और इनमें चार बेडरूम, एक बड़ा ड्रॉइंग रूम, डाइनिंग एरिया, एक प्राइवेट ऑफिस स्पेस, साथ ही सर्वेंट क्वार्टर और गैरेज शामिल होता है। इसके अलावा बंगले के परिसर में एक विशाल लॉन भी होता है, जो इसकी भव्यता को और बढ़ाता है।

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कितने महंगे हैं ये बंगले?

लेकिन सरकार द्वारा इन बंगलों का मासिक किराया काफी कम रखा गया है। 2021 में एक RTI के जवाब में बताया गया था कि टाइप-7 और टाइप-8 बंगलों का किराया करीब 2500 से 4600 रुपये प्रति माह होता है। लेकिन अगर इन बंगलों को खुले बाजार में किराए पर दिया जाए, तो रियल एस्टेट विशेषज्ञों का अनुमान है कि इनका मासिक किराया 18 से 25 लाख रुपये तक हो सकता है।

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किसे मिलते हैं ये बंगले?

लुटियंस दिल्ली के इन बंगलों का आवंटन विभिन्न कोटों के तहत होता है जैसे केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश आदि को। लुटियंस और लोधी एस्टेट इलाके में कुल 520 बंगले हैं, जिनमें से 319 टाइप-7 और 201 टाइप-8 कैटेगरी के हैं।

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हाई कोर्ट में वकील ने क्या कहा?

अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के वकील ने हाई कोर्ट में कहा कि साल 2014 के डिरेक्टोरेट ऑफ एस्टेट्स के नियमों के अनुसार राजनीतिक दलों के अध्यक्ष और संयोजक को सरकारी बंगला मिलना चाहिए। इतिहास में नेशनल पार्टी के अध्यक्षों को हमेशा टाइप-8 बंगला मिलता आया है। यही आधार बनाकर अदालत में केस किया गया और अंत में बंगला केजरीवाल को अलॉट कर दिया गया।

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अभी कहां रह रहे थे पूर्व CM?

बता दें कि 17 सितंबर, 2024 को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से केजरीवाल बिना किसी स्थायी सरकारी आवास के हैं। 4 नवंबर को 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित अपने आधिकारिक आवास को छोड़ने के बाद, वह अस्थायी रूप से पंजाब से आप के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के 5, फिरोजशाह रोड स्थित घर पर रुके थे। केंद्र सरकार ने पहले दिल्ली हाईकोर्ट को बताया था कि केजरीवाल को 10 दिनों के भीतर आधिकारिक आवास मिल जाएगा।