Uttarakhand सरकार ने प्रदेश के बुजुर्गों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है।
Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के बुजुर्गों (Elders) के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है। बता दें कि सरकार की दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना (Deendayal Mother-Father Pilgrimage Scheme) बुजुर्गों की आस्था को साकार करने का एक अनूठा प्रयास है। इस योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को राज्य के प्रमुख तीर्थस्थलों की मुफ्त यात्रा का अवसर मिलेगा। देहरादून जिले से 40 बुजुर्गों ने इस योजना के लिए आवेदन किया है, जिसमें यात्रा, ठहरने और भोजन की पूरी व्यवस्था सरकार द्वारा निशुल्क की जाएगी। जरूरत पड़ने पर बुजुर्गों के साथ एक सहायक को भी जाने की अनुमति होगी।

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मानसून के बाद शुरू होगी यात्रा
पर्यटन विभाग के मुताबिक, मानसून समाप्त होने के बाद इन तीर्थ यात्राओं (Pilgrimage tours) का आयोजन किया जाएगा। वर्तमान में आवेदनों की जांच चल रही है, और जल्द ही यात्रा की तारीखें तय की जाएंगी। विभाग यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए सभी जरूरी संसाधन जुटा रहा है। जानकारी के मुताबिक, सबसे अधिक आवेदन जागेश्वर धाम (25) और रीठा साहिब गुरुद्वारा (12) के लिए आए हैं। आने वाले दिनों में और आवेदन मिलने की उम्मीद है।
3 विभागों का सहयोग
यात्रा के लिए गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के गेस्ट हाउस में ठहरने की व्यवस्था होगी, जबकि परिवहन विभाग वाहन उपलब्ध कराएगा। पर्यटन विभाग ने यात्रा के सफल आयोजन के लिए शासन से 5 लाख रुपये के बजट की मांग की है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी विजेंद्र पांडेय ने कहा कि बजट स्वीकृति के बाद यात्रा शुरू होगी, और तब तक मानसून भी समाप्त हो चुका होगा।
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बुजुर्गों में उत्साह
इस योजना ने बुजुर्गों (Elders) में खासा उत्साह पैदा किया है। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें तीर्थ दर्शन का अवसर प्रदान करना है। यह योजना न केवल आध्यात्मिक सुख देगी, बल्कि बुजुर्गों को सम्मानपूर्वक यात्रा का अनुभव भी प्रदान करेगी।
