Uttarakhand सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की है।
Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश (Industrial Investment) को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की है। इसके तहत उद्योगों को 4 से 40 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त सब्सिडी (Subsidy) दी जाएगी। उत्तराखंड मेगा इंडस्ट्रियल (Uttarakhand Mega Industrial) एवं इन्वेस्टमेंट नीति-2025 के तहत पर्वतीय प्रोत्साहन योजना लागू की गई है, जिसके आदेश उद्योग विभाग ने जारी कर दिए हैं। पढ़िए पूरी खबर…

2 श्रेणियों में बांटे गए पर्वतीय क्षेत्र
आपको बता दें कि नीति के तहत पर्वतीय क्षेत्रों को दो श्रेणियों में बांटा गया है। ए श्रेणी में पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिले शामिल हैं। बी श्रेणी में टिहरी जिले के पर्वतीय क्षेत्र, नैनीताल जिले के भीमताल, धारी, बेतालघाट, रामगढ़, ओखलकांडा विकासखंड और देहरादून जिले का चकराता विकासखंड शामिल हैं।
ये भी पढ़ेंः Uttarakhand News: CM धामी ने उत्तराखंड पर बनी फ़िल्म 5 सितंबर का पोस्टर लॉंच किया
सब्सिडी का प्रावधान
नीति के मुताबिक, ए श्रेणी के क्षेत्रों में लार्ज, अल्ट्रा लार्ज, मेगा और अल्ट्रा मेगा उद्योग स्थापित करने पर पूंजी निवेश का 2 प्रतिशत या अधिकतम 4 से 40 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। वहीं, बी श्रेणी के क्षेत्रों में निवेश पर 1 प्रतिशत या अधिकतम 2 से 20 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है।
लार्ज श्रेणी: 51 से 200 करोड़ रुपये के निवेश पर 1 से 4 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त सब्सिडी।
अल्ट्रा मेगा श्रेणी: 1000 से 2000 करोड़ रुपये के निवेश पर 20 से 40 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी।
नीति में संशोधन से बढ़ेगा निवेश
उत्तराखंड सरकार (Uttarakhand Government) ने 2021 की नीति में संशोधन कर उत्तराखंड मेगा इंडस्ट्रियल एवं इन्वेस्टमेंट नीति-2025 लागू की है। इस नीति का उद्देश्य बड़े निवेशकों को आकर्षित करना और पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को गति देना है। निवेश की राशि के आधार पर सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाएगा।
ये भी पढ़ेंः Uttarakhand में भ्रष्टाचारियों की खैर नहीं, CM धामी ने विजिलेंस को दी कार्रवाई की खुली छूट
उद्योग विभाग के सचिव विनय शंकर पांडेय ने कहा, ‘मेगा इंडस्ट्रियल एवं इन्वेस्टमेंट नीति-2025 लागू करने के आदेश जारी हो चुके हैं। इस नीति से प्रदेश में बड़े निवेश को बढ़ावा मिलेगा और पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।’
