Chhattisgarh News: रायपुर, 20 जुलाई। छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सोमवार को सरगुजा जिले के लखनपुर स्थित जी.आर.ए. स्कूल, जूनाडीह में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ हरित एवं स्वच्छ भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।
‘वृक्षारोपण भविष्य की पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उनके अनुसार, आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरियाली और सुरक्षित भविष्य की आधारशिला बन सकता है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
पौधारोपण के साथ संरक्षण पर भी दिया जोर
मंत्री ने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सुरक्षित रखकर वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है।
विद्यार्थियों से हर साल एक पौधा लगाने का आह्वान
राजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विद्यार्थियों से हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की। साथ ही उन्होंने शिक्षा के साथ प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित करने पर भी जोर दिया।
हरित वातावरण को बताया स्वस्थ समाज की पहचान
मंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण से केवल हरियाली ही नहीं बढ़ती, बल्कि जैव विविधता का संरक्षण, जल स्रोतों का संवर्धन और प्राकृतिक संतुलन भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सामूहिक प्रयास भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने विद्यालय परिवार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और विश्वास जताया कि विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ समाज में पर्यावरण संरक्षण के संदेशवाहक की भूमिका निभाएंगे।
