Punjab News: चंडीगढ़/पौंग डैम (तलवाड़ा), 14 जुलाई। पंजाब सरकार ने मानसून सीजन के दौरान संभावित बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने पौंग डैम का दौरा कर जलस्तर और बाढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार लोगों की जान-माल, कृषि भूमि और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है।
पौंग डैम का जलस्तर पिछले वर्ष से कम
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बताया कि पौंग डैम का वर्तमान जलस्तर 1322 फीट है, जबकि पिछले वर्ष इसी दिन यह 1328 फीट था। उन्होंने कहा कि जलस्तर नियंत्रित है और सरकार ने मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पहले ही लागू कर दिए हैं।
450 करोड़ रुपये से मजबूत हुआ बाढ़ सुरक्षा ढांचा
बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि राज्य सरकार ने बाढ़ सुरक्षा और ड्रेनेज प्रबंधन को मजबूत करने के लिए लगभग 450 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसके तहत—
- 101 बोल्डर स्टोन और हाइब्रिड सुरक्षा कार्य किए गए।
- 17 बांधों की ऊंचाई बढ़ाई गई।
- 22 बांधों को मजबूत किया गया।
- 188 ड्रेनों की सफाई कराई गई।
- 5 फ्लड कंट्रोल गेटों को संचालन के लिए तैयार किया गया।
इन कार्यों का उद्देश्य बाढ़ के खतरे को कम करना और जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाना है।
संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी के निर्देश
जल संसाधन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बाढ़ संभावित क्षेत्रों, नदियों, ड्रेनों और बांधों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि जहां भी कोई कमी दिखाई दे, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए ताकि मानसून के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
दोआबा क्षेत्र में तैयारियों की भी समीक्षा
दो दिवसीय दोआबा दौरे के दौरान मंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के साथ-साथ मानसून तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने और सभी बाढ़ सुरक्षा कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य मानसून के दौरान किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। मजबूत निगरानी व्यवस्था, बेहतर बाढ़ सुरक्षा ढांचे और प्रशासनिक सतर्कता के माध्यम से राज्य सरकार लोगों की सुरक्षा और किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
