Haryana News: हरियाणा सरकार ने ईंधन की खपत कम करने, ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने और सरकारी खर्चों में कटौती के लिए व्यापक मितव्ययिता (Austerity) दिशानिर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini के नेतृत्व वाली सरकार के ये निर्देश सितंबर 2026 तक लागू रहेंगे और सभी विभागों, बोर्डों, निगमों तथा स्थानीय निकायों पर लागू होंगे।
सरकारी कर्मचारियों के विदेश दौरे पर रोक
नई गाइडलाइन के तहत सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के आधिकारिक एवं निजी विदेशी दौरों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। केवल चिकित्सा उपचार के मामलों में छूट दी जाएगी। साथ ही विभागों को कम से कम 50 प्रतिशत बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पेट्रोल-डीजल वाहनों की खरीद पर प्रतिबंध
सरकार ने एक बड़ा पर्यावरणीय कदम उठाते हुए सभी सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों द्वारा नए गैर-इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
ईंधन खर्च में 20% कटौती का लक्ष्य
वित्त विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सितंबर 2026 तक सभी विभागों में पेट्रोलियम, तेल और लुब्रिकेंट (POL) खर्च में 20 प्रतिशत की कमी सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा:
- विभागों को वाहन उपयोग में कम से कम 10 प्रतिशत कमी लानी होगी।
- हर महीने अनुपालन प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
- निगरानी के लिए विशेष डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाएगा।
वीआईपी काफिलों में भी कटौती
ईंधन बचत के उद्देश्य से वीआईपी काफिलों में शामिल वाहनों की संख्या में 50 प्रतिशत तक कमी करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुसार इसमें बदलाव संभव होगा।
रैलियों और सरकारी आयोजनों पर भी असर
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सरकारी समारोहों, सेमिनारों, कार्यकारी भोज, मनोरंजन कार्यक्रमों और अन्य गैर-जरूरी आयोजनों पर खर्च से बचा जाए। जिला प्रशासन और पुलिस को बड़े सार्वजनिक आयोजनों, रोड शो, रैलियों और वाहन जुलूसों की अनुमति देने से भी परहेज करने को कहा गया है।
कार्यालयों में बिजली बचाने के निर्देश
ऊर्जा संरक्षण के लिए सरकारी कार्यालयों में:
- एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना होगा।
- अनावश्यक और सजावटी रोशनी कम करनी होगी।
- प्राकृतिक रोशनी के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया जाएगा।
जनता के लिए भी जारी की गई सलाह
सरकार ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे:
- अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचें
- सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग अपनाएं
- इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाएं
- ऊर्जा संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं
- स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें
इन प्रयासों को “मेरा भारत, मेरा योगदान” अभियान से भी जोड़ा गया है।
क्यों उठाया गया यह कदम?
सरकार ने इन उपायों के पीछे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया के तनाव और ईंधन आयात लागत में बढ़ोतरी को प्रमुख कारण बताया है। सरकार का कहना है कि संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और आर्थिक अनुशासन के लिए ये कदम आवश्यक हैं।
प्रमुख फैसले एक नजर में
- सरकारी कर्मचारियों के विदेश दौरे पर रोक
- नए पेट्रोल-डीजल वाहनों की खरीद बंद
- 20% ईंधन खर्च में कटौती का लक्ष्य
- 50% बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से
- वीआईपी काफिलों में 50% वाहन कम
- रैलियों और गैर-जरूरी आयोजनों पर नियंत्रण
- कार्यालयों में ऊर्जा बचत के विशेष निर्देश
- ईवी चार्जिंग और हरित परिवहन को बढ़ावा
हरियाणा सरकार के ये कदम प्रशासनिक खर्च कम करने, ऊर्जा बचाने और पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में बड़े बदलाव के रूप में देखे जा रहे हैं।
