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Punjab: डीजीपी गौरव यादव ने राज्य स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान की समीक्षा एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति का आकलन किया

पंजाब राजनीति
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1 मार्च 2025 से अब तक 24,639 नशा तस्करों की गिरफ्तारी; 1020 किलोग्राम हेरोइन, 330 किलोग्राम अफीम, ₹12.25 करोड़ की नशे की कमाई जब्त

डीजीपी ने राज्यभर में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों की भी समीक्षा की
सीपी/एसएसपी को दिए निर्देश

गैर-प्रमुख ड्यूटी से पुलिसकर्मियों को हटाकर बढ़ाएं पुलिस की दृश्य उपस्थिति

Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को एक सुरक्षित और नशा-मुक्त राज्य बनाने के उद्देश्य से पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने मंगलवार को राज्य स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सभी रेंज आईजीपी/डीआईजी, पुलिस आयुक्त (सीपी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शामिल हुए। बैठक में ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान की समीक्षा, राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति और आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की गई।

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इस अवसर पर विशेष डीजीपी (कानून-व्यवस्था) अरपित शुक्ला, विशेष डीजीपी (इंटेलिजेंस) प्रवीण कुमार सिन्हा, एडीजीपी (एएनटीएफ) नीलाभ किशोर, एडीजीपी (एजीटीएफ) प्रमोद बैन और एडीजीपी (काउंटर इंटेलिजेंस) अमित प्रसाद भी मौजूद थे। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने फील्ड अफसरों को सीमा पार से मादक पदार्थों की तस्करी, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद, संगठित अपराध नेटवर्क और प्रमुख कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों के बारे में अवगत कराया।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “हमने 1 मार्च 2025 को शुरू किए गए राज्यव्यापी नशा विरोधी अभियान ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ की प्रगति की समीक्षा की और इस जंग को और मजबूत करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेपों पर चर्चा की।” उन्होंने कहा कि एएनटीएफ की दोहरी रणनीति — जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई और समुदाय आधारित रोकथाम — के ज़रिए पंजाब को नशा मुक्त और सुरक्षित बनाया जा रहा है।

अभियान के नतीजों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि 1 मार्च 2025 से अब तक पंजाब पुलिस ने 15,671 एफआईआर दर्ज की हैं, 24,639 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है, और 1020 किलोग्राम हेरोइन, 330 किलोग्राम अफीम, 21 टन पोस्ता भूसी, 14 किलोग्राम चरस, 377 किलोग्राम गांजा, 6.3 किलोग्राम आइस, 3.3 किलोग्राम कोकीन, 31.74 लाख नशीली गोलियां/टैबलेट्स और ₹12.25 करोड़ की नशे से जुड़ी नकदी जब्त की गई है। बैठक के दौरान डीजीपी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोहों की तैयारियों की भी समीक्षा की और सभी फील्ड यूनिट्स को उच्च सतर्कता बनाए रखने तथा चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है और स्वतंत्रता दिवस से पहले शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए उपयुक्त निर्देश दिए गए हैं, जिनमें संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की उपस्थिति बढ़ाना, डोमिनेशन ऑपरेशनों को तेज करना और अन्य एहतियाती व जाँच संबंधी कदम शामिल हैं। उन्होंने सीपी/एसएसपी को सभी पुलिस इकाइयों में मैनपावर ऑडिट करने और गैर-प्रमुख कार्यों में लगे पुलिसकर्मियों को वहां से हटाकर भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर उनकी तैनाती करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने जिलों के पुलिस प्रमुखों को अपने-अपने क्षेत्रों में नाके बढ़ाने और अधिक से अधिक वाहनों की जांच सुनिश्चित करने को कहा।

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डीजीपी ने यह भी कहा कि नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के अलावा, संगठित अपराध, गैंगस्टरों और पाकिस्तान प्रायोजित आतंक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई भी पंजाब पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, और इनसे जुड़े सभी प्रमुख मामलों में आरोपियों की पहचान की जा चुकी है।