Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए एक बड़ी पहल की शुरुआत हुई है, जहां मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने जशपुर जिले के बगिया गांव में समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) योजना के तहत दाबित उद्वहन सिंचाई प्रणाली का शुभारंभ किया। यह योजना न केवल सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि कृषि उत्पादन को भी नई दिशा देगी।
13 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
इस परियोजना के तहत बगिया क्लस्टर के 13 गांवों में लगभग 4933 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अब तक वर्षा पर निर्भर रहने वाले किसानों को सालभर पानी मिलेगा, जिससे फसल उत्पादन बढ़ने की संभावना है। यह योजना जशपुर को आधुनिक सिंचाई प्रणाली के एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित कर सकती है।

पारंपरिक से आधुनिक सिंचाई की ओर बदलाव
इस योजना की खास बात यह है कि इसमें पारंपरिक नहरों के बजाय प्रेसराइज्ड पाइप इरिगेशन सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। भूमिगत पाइपलाइन के जरिए पानी की बर्बादी रुकेगी और जल उपयोग की दक्षता बढ़ेगी। इससे जमीन अधिग्रहण की जरूरत भी कम होगी और किसानों को ज्यादा सुविधाजनक व्यवस्था मिलेगी।
आधुनिक तकनीक से लैस होगी परियोजना
इस सिंचाई परियोजना में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें सौर ऊर्जा, SCADA सिस्टम और IoT जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन तकनीकों के जरिए यह तय किया जाएगा कि किस खेत में कितनी मात्रा में और कब पानी देना है। इससे जल का वैज्ञानिक उपयोग संभव होगा और फसल की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
किसानों की आय और आत्मनिर्भरता पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल सिंचाई परियोजना नहीं, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का माध्यम है। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा, लागत कम होगी और किसानों की आय में स्थायी सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही, यह योजना जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में भी मदद करेगी।
🇮🇳 राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान
इस परियोजना की खास बात यह भी है कि देश के 23 राज्यों में स्वीकृत 34 एम-कैड परियोजनाओं में से छत्तीसगढ़ का बगिया क्लस्टर एकमात्र चयनित प्रोजेक्ट है। इसके लिए केंद्र सरकार ने करीब ₹95.89 करोड़ की स्वीकृति दी है, जबकि कुल लागत लगभग ₹119 करोड़ है।
बगिया समृद्धि एम-कैड योजना छत्तीसगढ़ में कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। आधुनिक तकनीक और बेहतर जल प्रबंधन के जरिए यह योजना किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। अगर यह सफल होती है, तो यह मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
