Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध रेत खनन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के निर्देशों के तहत खनिज विभाग अब पूरी तरह एक्शन मोड में है और जिला प्रशासन की जवाबदेही तय की जा रही है।
सचिव की कलेक्टरों को सख्त चेतावनी
खनिज विभाग के सचिव P. Dayanand ने राज्य के प्रमुख 11 जिलों के कलेक्टरों के साथ वर्चुअल बैठक कर साफ कहा कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि किसी जिले में अवैध गतिविधियां पाई जाती हैं, तो उसके लिए संबंधित कलेक्टर और अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे।
रेत आपूर्ति बनाए रखना भी प्राथमिकता
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सख्ती के साथ-साथ आम जनता को रेत की उपलब्धता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। सभी स्वीकृत खदानों से उनकी क्षमता के अनुसार उत्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को उचित दरों पर रेत मिल सके और बाजार में कृत्रिम कमी न बने।
पीएम आवास योजना के लिए विशेष निर्देश
सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के लिए रॉयल्टी मुक्त रेत उपलब्ध कराने के नियमों के सख्त पालन पर जोर दिया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि इस सुविधा का दुरुपयोग कर अवैध खनन को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।
निगरानी और तकनीकी उपायों पर जोर
अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए ड्रोन सर्वे, उड़नदस्ता और नियमित निरीक्षण जैसे उपायों को मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतों और मीडिया रिपोर्ट्स को गंभीरता से लें और तुरंत कार्रवाई करें। साथ ही खदानों की नीलामी और पर्यावरण स्वीकृति की प्रक्रिया को भी तेज करने को कहा गया है।
लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि अगर किसी जिले में केंद्रीय टीम को कार्रवाई करनी पड़ती है, तो यह स्थानीय प्रशासन की विफलता मानी जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल अवैध रेत खनन पर लगाम लगाने और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सख्त निगरानी और स्पष्ट जिम्मेदारी तय होने से उम्मीद है कि न केवल राजस्व नुकसान रुकेगा, बल्कि आम जनता को भी उचित दरों पर रेत उपलब्ध हो सकेगी।
