Venezuela: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार शाम को प्रकृति का ऐसा कहर टूटा जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। वेनेजुएला में एक के बाद एक, दो बेहद शक्तिशाली भूकंप आए, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही मची है। यह आपदा इतनी गंभीर है कि सरकार ने देश में राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) घोषित कर दिया है। वैज्ञानिकों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह वेनेजुएला में पिछले 126 वर्षों में आया सबसे बड़ा और विनाशकारी भूकंप है। इससे पहले साल 1900 में यहां 7.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।

40 सेकंड के भीतर आए दो विनाशकारी झटके
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र युमारे शहर से लगभग 23 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में, उत्तरी तट के पास था। राजधानी कराकस से यह जगह करीब 290 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।
हैरानी और खौफ की बात यह रही कि लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। बुधवार शाम को महज 40 सेकंड के अंतराल पर दो बड़े झटके महसूस किए गए:
- पहला झटका: शाम 6:04 बजे (तीव्रता 7.2)
- दूसरा झटका: शाम 6:05 बजे (तीव्रता 7.5)
भारतीय समयानुसार: जिस वक्त वेनेजुएला में यह तबाही आ रही थी, उस समय भारत में गुरुवार तड़के के 3:34 और 3:35 बज रहे थे। मुख्य झटकों के बाद अब तक 20 से अधिक आफ्टरशॉक (भूकंप के बाद के झटके) भी दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे लोग लगातार दहशत में हैं।
राष्ट्रीय अवकाश के दिन मची तबाही
यह भूकंप ऐसे दिन आया जब पूरे वेनेजुएला में राष्ट्रीय अवकाश था। साल 1821 में स्पेन के खिलाफ आजादी की लड़ाई में मिली ऐतिहासिक जीत की सालगिरह के कारण स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद थे। छुट्टी होने की वजह से ज्यादातर लोग अपने घरों में ही मौजूद थे।
झटके लगते ही पूरे देश में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने परिवारों और पालतू जानवरों को लेकर जान बचाने के लिए सड़कों की तरफ भागे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढहती और दीवारें टूटती नजर आ रही हैं। राजधानी कराकस समेत कई शहरों में आसमान में धूल का गुबार छा गया। यहां तक कि कराकस एयरपोर्ट की छत का एक बड़ा हिस्सा भी ढह गया।
भारी जानी-माल के नुकसान की आशंका
प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के साथ नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। शुरुआती USGS आंकड़ों के मुताबिक अभी तक 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका जताई गई है।
कार्यवाहक राष्ट्रपति ने संभाली कमान
देश के हालात को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने तुरंत राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की। उन्होंने सेना और आपदा प्रबंधन टीमों को मलबे में दबे लोगों को निकालने और प्रभावितों तक तुरंत मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। कई शहरों में इमारतें या तो पूरी तरह जमींदोज हो चुकी हैं या फिर खतरनाक तरीके से झुक गई हैं, जिससे राहत कार्य में मुश्किलें आ रही हैं।
