Uttarakhand News: Kedarnath Temple में आज विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग बाबा केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। प्रातः 8 बजे शुभ मुहूर्त में कपाट खुलते ही पूरा धाम “हर-हर महादेव” और “जय श्री केदार” के उद्घोष से गूंज उठा। इस पावन अवसर पर Pushkar Singh Dhami स्वयं उपस्थित रहे और उन्होंने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी पहली पूजा Narendra Modi के नाम से संपन्न की गई।
श्रद्धा और भक्ति के माहौल में शुरू हुई चारधाम यात्रा
कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ भी हो गया। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए देश-विदेश से पहुंचते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केदारनाथ धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष की यात्रा भी नए रिकॉर्ड स्थापित करेगी।

फूलों से सजा बाबा केदार का धाम, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा
कपाट खुलने के अवसर पर मंदिर को 51 क्विंटल से अधिक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। जैसे ही कपाट खुले, हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल Omkareshwar Temple से गुप्तकाशी, फाटा और गौरीकुंड होते हुए एक दिन पहले ही धाम पहुंच चुकी थी। इसके बाद सुबह 5 बजे से पूजा-अर्चना की प्रक्रिया शुरू हुई और ठीक 8 बजे कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विशेष इंतजाम
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने उत्तराखंडवासियों से अपील की कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के प्रति सेवा और आतिथ्य का भाव बनाए रखें।

2013 की आपदा के बाद बदला केदारनाथ का स्वरूप
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2013 Kedarnath floods के बाद केदारनाथ धाम का व्यापक पुनर्निर्माण किया गया, जिससे आज यह धाम पहले से अधिक भव्य और सुरक्षित बन गया है। इस पुनर्निर्माण कार्य में आधुनिक सुविधाओं और बेहतर व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, जिससे धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
