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Cyber Hub: NCR में आएगी रोजगार की बहार, यहाँ बनेगा गाजियाबाद का पहला साइबर हब

गाज़ियाबाद दिल्ली NCR
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Cyber Hub: दिल्ली-NCR में रोजगार के नए अवसर बढ़ने वाले हैं। गाजियाबाद नगर निगम ने क्रॉसिंग रिपब्लिक में करीब 600 करोड़ रुपये की लागत से शहर का पहला साइबर हब बनाने की योजना तैयार की है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है, जिसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा।

प्रस्तावित साइबर हब में IT कंपनियां, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनियां, डेटा सेंटर और स्टार्टअप ऑफिस खोले जाएंगे। इसके अलावा यहां स्टूडियो फ्लैट, रेस्टोरेंट और कई आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इस परियोजना का उद्देश्य गाजियाबाद को डिजिटल और स्टार्टअप के नए केंद्र के रूप में विकसित करने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है।

क्रॉसिंग रिपब्लिक में 25 हजार वर्गमीटर जमीन पर बनेगा साइबर हब

गाजियाबाद नगर निगम के पास क्रॉसिंग रिपब्लिक में करीब 25 हजार वर्गमीटर जमीन उपलब्ध है। नगर निगम ने इसी जमीन पर साइबर हब विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है।

पिछले दिनों नगर निगम के संपत्ति विभाग ने इस जमीन की पैमाइश की थी। जांच के बाद जमीन को साइबर हब बनाने के लिए उपयुक्त पाया गया।

अब नगर निगम के अधिकारी परियोजना की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी DPR तैयार करने में जुटे हैं। DPR तैयार होने के बाद इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा।

निर्माण पर खर्च होंगे करीब 600 करोड़ रुपये

गाजियाबाद के नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के मुताबिक, यह गाजियाबाद शहर का पहला साइबर हब होगा। इसके निर्माण पर करीब 600 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

साइबर हब को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मोड पर भी विकसित किया जा सकता है। हालांकि, इसे किस मॉडल पर बनाया जाएगा, इस पर अंतिम फैसला शासन स्तर से लिया जाएगा।

गाजियाबाद को डिजिटल और स्टार्टअप हब बनाने की तैयारी

नगर आयुक्त के मुताबिक, इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य गाजियाबाद को डिजिटल और स्टार्टअप के नए केंद्र के रूप में विकसित करना है।

गाजियाबाद को बेहतर कनेक्टिविटी का भी फायदा मिलेगा। शहर में मेट्रो और नमो भारत जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और हाईवे की कनेक्टिविटी भी है।

बेहतर परिवहन और सड़क नेटवर्क के कारण कंपनियों, स्टार्टअप्स और कर्मचारियों के लिए साइबर हब तक पहुंचना आसान होगा।

IT कंपनियां और डेटा सेंटर खुलेंगे

प्रस्तावित साइबर हब में IT सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।

यहां IT कंपनियों के साथ सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनियां, डेटा सेंटर और स्टार्टअप ऑफिस खोले जाने की योजना है।

इससे गाजियाबाद और आसपास रहने वाले युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

फिलहाल IT सेक्टर में नौकरी करने वाले गाजियाबाद के बड़ी संख्या में लोगों को गुरुग्राम, नोएडा और दिल्ली जाना पड़ता है। साइबर हब बनने के बाद उन्हें अपने शहर में ही रोजगार और बिजनेस से जुड़ी सुविधाएं मिल सकेंगी।

कम किराए पर मिलेगा ऑफिस स्पेस

साइबर हब को नए बिजनेस शुरू करने वाले लोगों, स्टार्टअप्स और फ्रीलांसरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा।

यहां कम किराए पर ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा हाई-स्पीड इंटरनेट और मीटिंग रूम जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

इससे नए बिजनेस शुरू करने वाले उद्यमियों और फ्रीलांसरों को अपना काम शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए एक प्लेटफॉर्म मिल सकेगा।

रेस्टोरेंट और स्टूडियो फ्लैट भी बनाए जाएंगे

साइबर हब में केवल ऑफिस ही नहीं, बल्कि लोगों की जरूरत से जुड़ी अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

यहां रेस्टोरेंट बनाए जाएंगे। इसके अलावा स्टूडियो फ्लैट भी विकसित किए जाने की योजना है।

स्टूडियो फ्लैट बनाने का उद्देश्य व्यापार और कामकाज के सिलसिले में गाजियाबाद आने वाले लोगों को साइबर हब के आसपास ही ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराना है।

साइबर क्राइम हेल्प डेस्क और डिजिटल ट्रेनिंग सेंटर भी होगा

प्रस्तावित साइबर हब में आम लोगों के लिए भी कई डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

यहां ई-गवर्नेंस सेंटर, साइबर क्राइम हेल्प डेस्क और डिजिटल ट्रेनिंग सेंटर बनाए जाएंगे।

इन सुविधाओं के माध्यम से लोगों को पासपोर्ट और बैंकिंग जैसी ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े कामों में मदद मिल सकेगी। डिजिटल ट्रेनिंग सेंटर के जरिए लोगों को डिजिटल सेवाओं और तकनीक से जुड़ी जानकारी और प्रशिक्षण भी दिया जा सकेगा।

युवाओं को अपने शहर में मिल सकेंगे रोजगार के अवसर

गाजियाबाद में बड़ी संख्या में युवा IT और टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करते हैं, लेकिन रोजगार के लिए उन्हें फिलहाल नोएडा, गुरुग्राम और दिल्ली जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है।

क्रॉसिंग रिपब्लिक में साइबर हब बनने के बाद IT कंपनियों, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनियों, डेटा सेंटर और स्टार्टअप्स के आने से शहर में ही रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

इसके साथ ही फ्रीलांसरों और नए उद्यमियों को भी कम किराए पर ऑफिस, हाई-स्पीड इंटरनेट और मीटिंग रूम जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी।

स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना

उत्तर प्रदेश सरकार गाजियाबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करना चाहती है। इसी दिशा में प्रस्तावित साइबर हब को एक महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, परियोजना का निर्माण शुरू होने से पहले इसकी DPR को शासन से मंजूरी मिलना जरूरी होगा। इसके बाद ही यह तय होगा कि साइबर हब का निर्माण किस मॉडल पर किया जाएगा।

अगर योजना को मंजूरी मिलती है, तो करीब 600 करोड़ रुपये की लागत वाला यह साइबर हब गाजियाबाद में IT, डिजिटल सेवाओं, स्टार्टअप और रोजगार के लिए एक नया केंद्र बन सकता है।

वसुंधरा में पांच महीने बाद दोबारा शुरू हुआ योग केंद्र

इस बीच, वसुंधरा सेक्टर-3 स्थित हमारा पार्क में भारतीय योग संस्थान का योग केंद्र करीब पांच महीने बाद बुधवार को दोबारा शुरू हो गया।

केंद्र प्रमुख शीतल रस्तोगी के मुताबिक, करीब पांच महीने पहले बंदरों के हमले में एक साधिका घायल हो गई थी। इस घटना के बाद लोगों ने योग केंद्र आना बंद कर दिया था। अब करीब पांच महीने के अंतराल के बाद योग केंद्र को फिर से शुरू कर दिया गया है।