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UP News: योगी सरकार की पहल से सशक्त हो रहीं निराश्रित महिलाएं, 40 लाख से अधिक को मिल रहा विधवा पेंशन का लाभ

उत्तरप्रदेश
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UP News: Yogi Adityanath के नेतृत्व वाली Uttar Pradesh सरकार महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार योजनाएं लागू कर रही है। इसी दिशा में निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन योजना एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इस योजना के तहत प्रदेश की 40.32 लाख से अधिक विधवा महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें जीवनयापन में सहारा मिल रहा है।

चार किस्तों में मिल रही आर्थिक सहायता

राज्य सरकार इस योजना के माध्यम से उन महिलाओं तक सीधे मदद पहुंचा रही है, जिनके सामने पति के निधन के बाद आजीविका का संकट खड़ा हो जाता है। महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना में सालभर की पेंशन राशि चार किस्तों में जारी की जाती है। हर तीन महीने की राशि एक साथ लाभार्थियों के खातों में भेजी जाती है, जिसमें अप्रैल–जून, जुलाई–सितंबर, अक्टूबर–दिसंबर और जनवरी–मार्च की किस्तें शामिल हैं।

साल 2021 में सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विधवा पेंशन की राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति माह कर दी थी। यह राशि सीधे लाभार्थियों के आधार लिंक बैंक खातों में PFMS (Public Financial Management System) के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता और समय पर भुगतान सुनिश्चित होता है।

योजना का लगातार बढ़ता दायरा

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2016-17 से पहले जहां लगभग 17.31 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 40.32 लाख से अधिक हो गई है। यह वृद्धि दर्शाती है कि सरकार अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं को योजना से जोड़ने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।

पात्रता और सरकार का लक्ष्य

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलता है जो:

  • Uttar Pradesh की स्थायी निवासी हों
  • जिनके पति का निधन हो चुका हो
  • जिनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो
  • परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम हो

महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक Dr. Vandana Verma ने बताया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि कोई भी पात्र महिला इस योजना से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और सम्मान के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित भी करती है।