UP News: उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने आदेश दिया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं से जो अतिरिक्त पैसे वसूले गए थे, उन्हें वापस किया जाए। यह रकम लगभग 127 करोड़ रुपये बताई गई है। आयोग ने बिजली कंपनियों को निर्देश दिया है कि यह राशि उपभोक्ताओं के बिजली बिल में समायोजित (adjust) करके लौटाई जाए।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, उत्तर प्रदेश में नए बिजली कनेक्शन देते समय बिजली कंपनियों ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के नाम पर तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूल लिए थे।
- सिंगल फेज कनेक्शन पर लगभग 6016 रुपये लिए गए
- थ्री फेज कनेक्शन पर करीब 11341 रुपये लिए गए
जबकि बाद में पता चला कि इन रकम में काफी पैसा अतिरिक्त वसूला गया था। सिंगल फेज मीटर पर लगभग 3216 रुपये और थ्री फेज पर करीब 7241 रुपये ज्यादा लिए गए।

लाखों उपभोक्ताओं से हुई अतिरिक्त वसूली
रिपोर्ट के अनुसार:
- 10 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच
- करीब 3.5 लाख (353357) नए बिजली कनेक्शन जारी किए गए
- इन सभी से स्मार्ट मीटर के नाम पर अतिरिक्त पैसा लिया गया
इसी वजह से कुल मिलाकर लगभग 127 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली हो गई।
उपभोक्ता परिषद ने उठाया मामला
इस पूरे मामले को उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आयोग के सामने उठाया था। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने शिकायत की कि बिजली कंपनियां नियमों के खिलाफ उपभोक्ताओं से ज्यादा पैसे ले रही हैं। इसके बाद आयोग ने सुनवाई करके पैसा लौटाने का आदेश दिया।
कब तक मिलेगा पैसा
आयोग ने निर्देश दिया है कि बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं से ली गई अतिरिक्त राशि को उनके बिजली बिल में समायोजित करके वापस करें। साथ ही इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को तय की गई है और बिजली विभाग के अधिकारियों को आयोग के सामने उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
