UP News: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की 102 एंबुलेंस सेवा गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। पहले समय पर इलाज और अस्पताल तक पहुंच न मिलने के कारण कई महिलाओं की जान खतरे में पड़ जाती थी, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। सरकार ने 102 एंबुलेंस सेवा को मजबूत बनाकर मातृ मृत्यु अनुपात कम करने में अहम भूमिका निभाई है। वर्तमान समय में यह एंबुलेंस सेवा महज 7 मिनट में जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंच रही है, जो पूरे देश में सबसे बेहतर रिस्पांस टाइम माना जा रहा है।
तेजी से कम हुआ रिस्पांस टाइम
प्रदेश सरकार के लगातार प्रयासों का असर एंबुलेंस सेवा की गति में साफ दिखाई दे रहा है। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित घोष के अनुसार, वर्ष 2016 में 102 एंबुलेंस सेवा का रिस्पांस टाइम 11 मिनट 28 सेकंड था, जो अब घटकर लगभग 7 मिनट रह गया है।
इस सुधार के पीछे सरकार की लगातार मॉनिटरिंग और नई तकनीक से लैस एंबुलेंस का बड़ा योगदान है। वर्ष 2019 और 2023 में पुरानी और खराब हो चुकी एंबुलेंस को हटाकर नई आधुनिक एंबुलेंस सेवा शुरू की गई। इसके अलावा 306 नई एंबुलेंस को भी सेवा में जोड़ा गया। वर्तमान में पूरे प्रदेश में कुल 2,270 एंबुलेंस संचालित हो रही हैं।
रोज हजारों महिलाओं को मिल रही मदद
102 एंबुलेंस सेवा के जरिए रोजाना बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों को सहायता मिल रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 40 हजार 524 जच्चा-बच्चा इस सेवा का लाभ ले रहे हैं।
सरकार ने केवल शहरों में ही नहीं बल्कि गांवों और दूरदराज के इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया है। यही वजह है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को भी समय पर चिकित्सा सुविधा मिल पा रही है।
मातृ मृत्यु अनुपात में आई बड़ी गिरावट
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल के अनुसार, एंबुलेंस सेवा में सुधार होने से मातृ मृत्यु अनुपात में भी बड़ी कमी दर्ज की गई है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2015-17 में प्रदेश में मातृ मृत्यु अनुपात 216 प्रति लाख था, जो वर्ष 2021-23 में घटकर 141 प्रति लाख रह गया।
यह बदलाव दिखाता है कि समय पर इलाज और अस्पताल तक जल्दी पहुंच मिलना गर्भवती महिलाओं के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
देश में यूपी सबसे आगे
सबसे खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य होने के बावजूद एंबुलेंस सेवा के रिस्पांस टाइम में पहले स्थान पर है। यूपी का औसत रिस्पांस टाइम 7 मिनट 6 सेकंड दर्ज किया गया है। इसके बाद राजस्थान दूसरे और केरल तीसरे स्थान पर है।
योगी सरकार की यह पहल मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की हर गर्भवती महिला को समय पर सुरक्षित और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
