UP News: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya ने जर्मनी दौरे के दौरान नई निवेश कूटनीति अपनाई। उन्होंने अपनी प्रस्तावित यूनाइटेड किंगडम यात्रा को स्थगित कर दिया और जर्मनी से ही यूके के निवेशकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की।
इस बातचीत में यूके के निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में निवेश करने पर सहमति जताई। इसे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
जर्मनी में सर्विस सेक्टर को मिला अच्छा रिस्पॉन्स
जर्मनी में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट के दौरान उप मुख्यमंत्री ने कई जर्मन कंपनियों से मुलाकात की। ड्रोन तकनीक, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई।
खास बात यह रही कि हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ सर्विस सेक्टर में भी निवेश की गहरी रुचि दिखाई गई। आईटी सेवाएं, स्किल डेवलपमेंट, हेल्थकेयर और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कंपनियों ने यूपी को बड़ा बाजार बताया।
200 करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति
जर्मनी में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीक के क्षेत्र में लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति बनी है। इससे उत्तर प्रदेश में आधुनिक रेलवे तकनीक को बढ़ावा मिलेगा और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
यह निवेश प्रदेश में तकनीकी विकास और रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभा सकता है।
निवेशकों को दी गई पारदर्शी व्यवस्था की जानकारी
यूके के निवेशकों के साथ हुई वर्चुअल बैठक में राज्य की औद्योगिक नीति, सिंगल विंडो सिस्टम और त्वरित स्वीकृति प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
उप मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि निवेशकों को भूमि आवंटन से लेकर उद्योग संचालन तक हर स्तर पर प्रशासनिक सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश उद्योगों के लिए पारदर्शी और उद्योग-मित्र माहौल तैयार कर रहा है।
इन क्षेत्रों पर भी हुई चर्चा
बैठकों के दौरान कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा हुई, जैसे:
- मेडिकल डिवाइस
- वस्त्र, चमड़ा और फुटवियर
- सेमीकंडक्टर और रक्षा उत्पादन
- आईटी/आईटीईएस
- ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC)
- 660 मेगावाट से अधिक डेटा सेंटर क्षमता
इन क्षेत्रों में निवेश से प्रदेश में कौशल आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सेवा क्षेत्र को मिलेगी नई गति
जर्मनी में प्रत्यक्ष बैठकों और यूके निवेशकों से डिजिटल संवाद को निवेश कूटनीति का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है। इससे तकनीकी सहयोग के साथ-साथ सेवा क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खुलेंगी।
संभावित निवेश से स्मार्ट सिटी, डिजिटल सेवाएं और शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह पहल उत्तर प्रदेश को निवेश के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
