UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में गोरखपुर में बनने वाले उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। यह विश्वविद्यालय लगभग 491 करोड़ रुपये की लागत से कैम्पियरगंज क्षेत्र में करीब 50 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जाएगा।
वानिकी और पर्यावरण से जुड़े आधुनिक पाठ्यक्रम होंगे संचालित
प्रस्तावित विश्वविद्यालय में वानिकी, औद्यानिकी, वन्य जीव संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, एग्रोफॉरेस्ट्री, फल एवं बागवानी जैसे आधुनिक विषयों में बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
इसका मुख्य उद्देश्य वनावरण बढ़ाना, जैव विविधता का संरक्षण करना, किसानों और छात्रों को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देना तथा कृषि और पर्यावरण के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देना है।

उत्तर भारत का पहला, देश का दूसरा वानिकी विश्वविद्यालय
यह विश्वविद्यालय उत्तर भारत का पहला और पूरे देश का दूसरा वानिकी विश्वविद्यालय होगा। इसकी स्थापना से प्रदेश में हरित विकास, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और करियर के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
जटायु संरक्षण केंद्र के पास बनेगा विश्वविद्यालय
इससे पहले सरकार ने गोरखपुर में दुनिया के पहले राजगिद्ध (जटायु) संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र की स्थापना की थी। 6 सितंबर 2024 को इस केंद्र के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके पास ही वानिकी विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की थी, जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
रोजगार और शोध के नए अवसर बढ़ेंगे
गोरखपुर वन प्रभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस विश्वविद्यालय में वानिकी के साथ-साथ कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी और औद्यानिकी से जुड़े डिग्री और डिप्लोमा कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
