Train Ticket: रेलवे के सख्त नियमों के बावजूद सोशल मीडिया पर टिकट दलालों का धंधा जोरों पर
Train Ticket: ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए तत्काल टिकट (Tatkal Ticket) पाना जितना मुश्किल होता जा रहा है, टिकट दलाल उतने ही हाईटेक (Hitech) होते जा रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम (Telegram) और व्हाट्सएप पर कई ऐसे ग्रुप सक्रिय हैं जो खुलेआम रेलवे के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए तत्काल टिकटों की कालाबाजारी कर रहे हैं। रेलवे (Railway) की सख्ती और नए नियमों के बावजूद दलालों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। ये ग्रुप मात्र 200-300 रुपये में यात्रियों को तत्काल टिकट दिलाने का दावा कर रहे हैं।

रेलवे के नए तत्काल नियम
टिकट दलालों पर लगाम कसने के लिए रेलवे ने 1 जुलाई 2025 से नए नियम लागू किए हैं। अब तत्काल टिकट बुकिंग (Tatkal Ticket Booking) के लिए आधार-लिंक्ड IRCTC अकाउंट और OTP अनिवार्य होगा, जो रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। 15 जुलाई 2025 से OTP आधारित तत्काल बुकिंग पूरी तरह लागू हो जाएगी। इसके अलावा, एजेंटों को बुकिंग शुरू होने से पहले आधे घंटे तक टिकट बुक करने की अनुमति नहीं होगी, जिससे आम यात्रियों को मौका मिले। तत्काल बुकिंग सुबह 10 बजे से AC कैटेगरी और 11 बजे से स्लीपर क्लास के लिए शुरू होती है।
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टेलीग्राम पर कालाबाजारी का खेल
टेलीग्राम (Telegram) पर ‘तेज़ तत्काल सॉफ्टवेयर’ जैसे चैनल्स 200 रुपये में स्लीपर और 300 रुपये में AC टिकट उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। इसके अलावा, 400 रुपये में आधार-वेरिफाइड IRCTC अकाउंट भी बेचे जा रहे हैं। इन प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे बॉट्स और सॉफ्टवेयर्स बिक रहे हैं, जो एजेंटों को आम यात्रियों से पहले टिकट बुक करने में मदद करते हैं। यह रेलवे के नए नियमों का खुला उल्लंघन है।

वेटिंग टिकटों पर 25% की सीमा
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए वेटिंग टिकटों (Waiting Tickets) की संख्या को 25% तक सीमित करने का फैसला किया है। यह निर्णय पैसेंजर प्रोफाइल मैनेजमेंट (PPM) सिस्टम के तहत लिया गया है, जिसमें AI और मशीन लर्निंग की मदद से बुकिंग, कैंसिलेशन और वेटिंग पैटर्न का विश्लेषण किया गया। इससे यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
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अब 8 घंटे पहले जारी होगी आरक्षण सूची
- रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए आरक्षण चार्ट तैयार करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है।
- अब चार घंटे की बजाय आठ घंटे पहले चार्ट तैयार किया जाएगा।
- जो ट्रेनें दोपहर दो बजे से पहले रवाना होंगी, उनके लिए चार्ट एक दिन पहले रात 9 बजे तक बना दिया जाएगा।
- नई PRS प्रणाली एक मिनट में 1.5 लाख से ज्यादा टिकट बुकिंग की क्षमता रखेगी, जिससे तकनीकी दिक्कतें भी कम होंगी।
